भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोज परिहार का निधन; बिंदुखत्ता में शोक की लहर, रानीबाग में किया गया अंतिम संस्कार

खबर शेयर करें -

लालकुआं/बिंदुखत्ता (17 मार्च 2026): बिंदुखत्ता के लोकप्रिय नेता और भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री मनोज परिहार का स्वास्थ्य खराब होने के कारण आकस्मिक निधन हो गया है। उनके निधन की खबर मिलते ही राजनैतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक व्याप्त हो गया।

1. अंतिम यात्रा और संस्कार

स्वर्गीय मनोज परिहार की अंतिम यात्रा आज प्रातः 11 बजे उनके बिंदुखत्ता स्थित निवास स्थान से शुरू हुई।

  • अंतिम गंतव्य: उनकी पार्थिव देह को चित्रशिला घाट, रानीबाग ले जाया गया।

  • गमगीन माहौल: सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रवासी, पार्टी कार्यकर्ता और सगे-संबंधी उनकी अंतिम विदाई में शामिल हुए, जहां नम आंखों से उनका अंतिम संस्कार किया गया।

यह भी पढ़ें 👉  “अंधेरे से डर लगता है साहब…” शहर के प्रमुख वॉकिंग स्थल द्रोणा सागर में सैर करने वालों ने KDF के जरिए सोलर लाइट की उठाई मांग

2. सामाजिक एवं पारिवारिक पृष्ठभूमि

मनोज परिहार एक प्रतिष्ठित परिवार से ताल्लुक रखते थे और क्षेत्र में अपनी मिलनसारिता के लिए जाने जाते थे:

  • परिवार: वे अपने चार भाइयों में सबसे बड़े थे। परिवार में उनकी पत्नी, जो एक शिक्षिका हैं, और एक पुत्री है।

  • भाइयों का परिचय: उनके छोटे भाई पूरन परिहार एक सक्रिय राज्य आंदोलनकारी हैं।

  • खेल जगत से जुड़ाव: उनकी भतीजी कंचन परिहार उत्तराखंड की वरिष्ठ महिला क्रिकेट खिलाड़ी हैं।

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं नैनीताल बैंक में मैनेजर पद पर रहे, वर्तमान में नोएडा में तैनात दयाल सिंह रावत की सड़क दुर्घटना में मौत

3. क्षेत्र की अपूरणीय क्षति

भाजपा के पूर्व मंडल महामंत्री के रूप में मनोज परिहार ने संगठन को मजबूती प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे दलगत राजनीति से ऊपर उठकर हर जरूरतमंद की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते थे।


Snapshot: स्व. मनोज परिहार का जीवन परिचय

विवरण जानकारी
नाम मनोज परिहार
पहचान पूर्व मंडल महामंत्री, भाजपा (बिंदुखत्ता)
निवासी बिंदुखत्ता, लालकुआं
अंतिम संस्कार चित्रशिला घाट, रानीबाग
प्रमुख योगदान सामाजिक सेवा एवं संगठन विस्तार
यह भी पढ़ें 👉  गैस की किल्लत से बुझने लगे चाट-पकौड़ी के चूल्हे, छोटे कारोबारियों की आखिर सुने कौन? जब जनप्रतिनिधि और व्यापारिक संगठन है खामोश

निष्कर्ष: मनोज परिहार का असमय जाना बिंदुखत्ता की राजनीति और समाज के लिए एक बड़ा शून्य छोड़ गया है। विभिन्न राजनैतिक दलों के नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताया है।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad