सख्त शासन, संवेदनशील प्रशासन: CM धामी का निर्देश—’कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं, निर्दोषों को न किया जाए परेशान’

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अख्तियार किया है। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तराखंड की शांति और सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

👮 पुलिसिंग में सुधार: थाना-चौकियों का बदलेगा ‘वर्क कल्चर’

मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता के प्रति व्यवहार में संवेदनशीलता लाएं। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • जनता का सम्मान: आम आदमी के साथ सम्मानजनक व्यवहार हो। निर्दोषों को परेशान करने वाले मामलों को शासन बेहद गंभीरता से लेगा।

  • लंबित विवेचनाएं: आपराधिक मामलों की जांच में अनावश्यक देरी न की जाए। रात्रि गश्त को बढ़ाकर अपराधियों में खौफ पैदा किया जाए।

  • परफॉरमेंस ऑडिट: अभियोजन को मजबूत करने के लिए अधिकारियों की ‘परफॉरमेंस ऑडिट रिपोर्ट’ पेश करने के आदेश दिए गए हैं।

  • जेल सुधार: बंदियों के मानवाधिकारों का पालन हो और उनके लिए स्किल डेवलपमेंट व पुनर्वास योजनाओं पर प्रभावी कार्य किया जाए।

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🛣️ दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे: पर्यटकों के लिए बनेगा ‘फुलप्रूफ’ प्लान

आगामी समय में दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के खुलने से राज्य में पर्यटकों की भारी आमद की उम्मीद है। इसे देखते हुए सीएम ने अधिकारियों को पहले से तैयारी करने को कहा है:

  • होटल, पार्किंग और यातायात प्रबंधन (Traffic Management) की योजनाएं समय रहते पूरी की जाएं।

  • पर्यटकों को सुरक्षित और सुगम अनुभव मिले, ताकि राज्य की छवि बेहतर हो।

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🚫 नशा मुक्ति: अब सीधे शासन को जाएगी मासिक रिपोर्ट

‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि नशा मुक्ति अभियान को अब एक जन आंदोलन का रूप दिया जाएगा।

  • प्रत्येक जिले को अब अपनी नशा मुक्ति रिपोर्ट हर महीने सीधे शासन को भेजनी होगी।

  • गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) खुद इन रिपोर्टों की नियमित समीक्षा करेंगे।

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👥 बैठक में मौजूद रहे आला अधिकारी

समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, सभी जिलों के जिलाधिकारी (DM), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) और शासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ कार्य करने की सख्त हिदायत दी।

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