नैनीताल और काशीपुर में जिला प्रशासन ने वन भूमि पर हुये अतिक्रमण पर की कार्रवाई

खबर शेयर करें -

नैनीताल: उत्तराखंड वन भूमि में हो रहे अवैध अतिक्रमण मामले पर नैनीताल जिला प्रशासन और वन विभाग अब गंभीर हो गया है. नैनीताल में जिला प्रशासन व वन विभाग की संयुक्त टीम ने बाराहा पत्थर क्षेत्र में वन भूमि पर हुए अवैध अतिक्रमण को मुक्त कराया. कार्रवाई के दौरान भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रही.

अवैध आवासों पर चलाया पीला पंजा: वन विभाग के एसडीओ राजकुमार ने कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि बाराहा पत्थर क्षेत्र में कुछ लोगों ने अवैध रूप से वन भूमि पर अतिक्रमण कर घोड़ा स्टैंड व आवास बना लिए थे. जिन्हें पहले भी चिन्हित कर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए थे. लेकिन तय समय पर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद ये कार्रवाई की गई है.

यह भी पढ़ें 👉  साढ़े चार साल का विकास बनाम नेताजी ! सोशल मीडिया पर छिड़ी जंग, कोई बिजली-पानी-सड़क को रोया तो किसी ने गोला में डुबकी लगाकर उड़ाया मजाक

चालानी कार्रवाई के दिए निर्देश: इस दौरान राजकुमार ने बताया पूर्व में वन विभाग ने बाराहा पत्थर क्षेत्र में घोड़ा व्यवसायियों को घुड़सवारी कराए जाने को लेकर 82 वर्ग मीटर भूमि लीज पर दी थी. लेकिन इसके बावजूद भी घोड़ा व्यवसायियों ने अवैध रूप से जंगल में अपने निर्माण शुरू कर दिए, जिन पर कार्रवाई की गई है. अभियान के दौरान वन विभाग की टीम को कूड़े के ढेर मिले. साथ ही अतिक्रमण को लेकर कई पेड़ काटे मिले. एसडीओ राजकुमार ने वन विभाग के अधिकारियों को तत्काल पेड़ काटने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं.

यह भी पढ़ें 👉  पूर्व फौजी पिता को जहर पिलाकर बेटे ने भी गटका, दोनों की दर्दनाक मौत; देहरादून में पत्नी के वियोग में युवक ने दी जान

काशीपुर में भी अतिक्रमण पर कार्रवाई: काशीपुर प्रशासन, पुलिस, नगर निगम, लोक निर्माण विभाग की संयुक्त टीम ने अतिक्रमण पर पीला पंजा चलाया. जिलाधिकारी के आदेश के बाद प्रशासन टीम टांडा तिराहे से लेकर कृषि मंडी तक अभियान चलाकर करीब 125 से अधिक अतिक्रमण को हटाया गया. इस दौरान अतिक्रमणकारियों एवं प्रशासन की टीम के बीच नोकझोंक भी हुई. लेकिन पुलिस फोर्स की तैनाती में अतिक्रमण हटाने का काम जारी रखा.

काशीपुर तहसीलदार यूसुफ अली के मुताबिक जिलाधिकारी द्वारा सरकारी जमीन पर हो रहे अतिक्रमण को हटाने के निर्देश मिले हैं. जिसके बाद अभियान चलाया गया है. जिसकी शुरुआत मुरादाबाद रोड पर अतिक्रमण हटाने से की गई है. यह अभियान आगे भी जारी रहेगा. उनके मुताबिक अतिक्रमण की वजह से सड़क की चौड़ाई कम हो चुकी थी. जिससे राहगीरों के आवाजाही में दिक्कत हो रही थी.इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने कोशिश भी की, लेकिन प्रशासन की टीम के आगे उनकी एक नहीं चली.

यह भी पढ़ें 👉  उत्तराखंड में 'एनालॉग पनीर' की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध: खाद्य सुरक्षा विभाग का सख्त निर्देश, नियम तोड़ने पर होगी कानूनी कार्रवाई
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad