उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय के सचल दल ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला का किया औचक निरीक्षण: परीक्षा व्यवस्थाएं पाईं दुरुस्त, प्रवेश संबंधी जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित
मानिला (अल्मोड़ा)। उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय (UOU) की परीक्षाओं को पूर्णतः नकल विहीन, पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से गठित सचल दल ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र में परीक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक और विश्वविद्यालय के मानकों के अनुरूप पाई गईं। इसके साथ ही विश्वविद्यालय दल द्वारा महाविद्यालय में नए सत्र हेतु प्रवेश संबंधी जागरूकता कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया।
गोपनीयता व अनुशासन का लिया जायजा, व्यवस्थाएं मिलीं दुरुस्त
विश्वविद्यालय द्वारा गठित सचल दल में डॉ. कमल देवलाल और डॉ. एच.सी. जोशी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान टीम ने परीक्षा केंद्र में प्रश्नपत्रों की गोपनीयता, उत्तर पुस्तिकाओं व परीक्षा प्रपत्रों के रख-रखाव, परीक्षार्थियों की उपस्थिति और परीक्षा कक्षों में अनुशासन का बारीकी से जायजा लिया। सचल दल ने पाया कि केंद्र में विश्वविद्यालय द्वारा जारी समस्त दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जा रहा है।
नवीन पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए चलाया प्रचार-प्रसार अभियान
वर्तमान में उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में विभिन्न रोजगारपरक एवं उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया संचालित की जा रही है। इसी क्रम में सचल दल के सदस्यों ने राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय मानिला के विद्यार्थियों और प्राध्यापकों के साथ संवाद स्थापित किया। कार्यक्रम के दौरान नए पाठ्यक्रमों, प्रवेश प्रक्रिया तथा विश्वविद्यालय की दूरस्थ शिक्षा प्रणाली की उपयोगिता पर विस्तार से चर्चा की गई और अधिक से अधिक विद्यार्थियों को इसका लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।
प्राचार्य व प्राध्यापक रहे मौजूद
इस अवसर पर राजकीय महाविद्यालय मानिला की प्राचार्य प्रो. पुष्पा नेगी, प्राध्यापक डॉ. नीरज रूवाली, डॉ. खिला कोरंगा, डॉ. शैफाली सक्सेना, डॉ. जितेन्द्र प्रसाद, डॉ. पीताम्बर दत्त पंत और डॉ. महेश कुमार सहित अनेक शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। सभी ने विश्वविद्यालय द्वारा चलाए जा रहे पाठ्यक्रमों की सराहना की और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों के लिए इसे अत्यंत उपयोगी बताया।


