उत्तराखंड में 5 फरवरी से शुरू होगा विधानसभा का सत्र, विपक्ष ने रखी ये बड़ी मांग

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विधानसभा सत्र पांच से आठ फरवरी तक चलेगा .उत्तराखंड सरकार की ओर से समान नागरिक संहिता (यूसीसी) बिल छह फरवरी को विधानसभा में पेश किया जाएगा. सत्र से पहले विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण की अध्यक्षता में कार्यमंत्रणा की बैठक में सदन संचालित करने के लिए एजेंडा तय किया जाएगा.

सत्र के पहले दिन विधानसभा सदस्य के निधन पर शोक व्यक्त किया जाएगा. जिससे सदन में अन्य विधायकी कार्य नहीं होंगे. वही कांग्रेस के उप नेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने कहा की विधानसभा संचालन का समय बढ़ाया जाए.

विधानसभा संचालन नियमावली कहती है कि 1 साल में 60 दिनों का सत्र चलना चाहिए, और सरकार के हालात यह है कि वह 5 साल में भी 60 का सत्र संचालित नहीं कर सकती है .यदि सत्र लंबा होगा तब कही मुद्दे भी उठेंगे. अभी राज्य में अनेकों मुद्दे शिक्षा चिकित्सा भ्रष्टाचार संबंधित कई मुद्दे हैं. जिसे सत्र में उठाया जा सकता है लेकिन समय अभाव के कारण इन सभी मुद्दे पर गंभीर चर्चाएं नहीं हो पाती है. हम चाहते है, की सत्र का समय बढ़ाया जाए ताकि जनता के कई अहम मुद्दे सरकार के सामने रखे जा सके.

‘UCC तो सिर्फ एक बहाना है’
5 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में इस बार कई बिल सरकार ला सकती इसको लेकर विपक्ष भी काफी मुखर दिखाई दे रहा है. 2024 लोकसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड सरकार का ये आखिरी सत्र है. इसमें सरकार यूसीसी को पेश करने वाली है इससे विपक्ष के भी कान खड़े हो चुके है अब सत्र के दौरान कैसा हंगामा होगा ये देखने वाली बात होगी. वही विपक्ष का कहना है कि सरकार लोकसभा चुनाव के लिए ऐसा कर रही है. हम इसके बिल को पढ़ेगे फिर इस पर चर्चा होगी सदन में इसका बिल आने पर हम इसके विषय में विचार करेंगे सरकार के पास और भी कई मुद्दे है लेकिन वो जनता को गुमराह करना चाहती है शिक्षा स्वास्थ्य बेरोजगारी को सरकार दरकिनार कर फालतू के मुद्दे पर बात करती है हम सदन के माध्यम से सरकार की आंखें खोलना चाहते है इसलिए हम चाहते है साल में कम से कम 60 दिन सदन चलाया जाए ताकि जनता के तमाम मुद्दे सरकार तक हम पहुंच सके.