सीएम धामी की सादगी: संघर्ष के दिनों के ‘राजमा-चावल’ को नहीं भूले मुख्यमंत्री; मंच पर बुलाकर ठेले वाले को किया सम्मानित

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रुद्रपुर: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी अपनी सादगी और जमीनी जुड़ाव के लिए जाने जाते हैं। रुद्रपुर के गांधी मैदान में आयोजित ‘सरस आजीविका मेले’ के उद्घाटन के दौरान एक ऐसा भावुक पल आया, जिसने वहां मौजूद हर व्यक्ति का दिल जीत लिया। सीएम धामी ने अपने राजनीतिक संघर्ष के दिनों को याद करते हुए काशीपुर बाईपास पर ठेला लगाने वाले राजाराम रस्तोगी को न केवल याद किया, बल्कि उन्हें मंच पर बुलाकर सम्मानित भी किया।


🥗 ₹10 की वो प्लेट और संघर्ष के दिन

मुख्यमंत्री ने जनसभा को संबोधित करते हुए अपने पुराने दिनों की यादें साझा कीं:

  • पेट भरने का सहारा: सीएम ने बताया कि राजनीति के शुरुआती दौर में जब वे रुद्रपुर आते थे, तो उनके पास इतने पैसे नहीं होते थे कि बड़े होटलों में खाना खा सकें।

  • रस्तोगी के राजमा-चावल: उस समय वे राजाराम रस्तोगी के ठेले पर जाते थे, जहाँ मात्र 10 रुपये में एक प्लेट राजमा-चावल मिलता था, जिससे पेट भर जाता था।

  • अचानक पहुंचे थे ठेले पर: मुख्यमंत्री बनने के बाद जब धामी पहली बार रुद्रपुर आए थे, तब भी प्रोटोकॉल तोड़कर वे अचानक राजाराम के ठेले पर राजमा-चावल खाने पहुँच गए थे।


🤝 मंच पर सम्मान और भावुक मुलाकात

संबोधन के दौरान जब सीएम राजाराम रस्तोगी का जिक्र कर रहे थे, तभी उन्हें पता चला कि राजाराम दर्शकों के बीच ही मौजूद हैं:

  1. मंच पर बुलावा: सीएम ने तुरंत राजाराम को मंच पर आमंत्रित किया, उनसे हाथ मिलाया और उन्हें सम्मानित किया।

  2. भावुक निमंत्रण: मुख्यमंत्री का स्नेह देखकर राजाराम रस्तोगी भावुक हो गए। उन्होंने सीएम को दोबारा अपने ठेले पर आने का न्योता दिया, जिसे मुख्यमंत्री ने सहर्ष स्वीकार करते हुए जल्द आने का आश्वासन दिया।


🗳️ चुनाव और रुद्रपुर से लगाव

रुद्रपुर से अपने विशेष लगाव पर चर्चा करते हुए सीएम धामी ने एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बयान भी दिया:

“कुछ लोग मेरे लगाव को देखते हुए मुझे रुद्रपुर से चुनाव लड़ने की सलाह देते हैं। लेकिन मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि मैं प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों से चुनाव लड़ रहा हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि इस बार हम पिछली बार से भी अधिक सीटें जीतेंगे।”


🗣️ क्या बोले राजाराम रस्तोगी?

राजाराम ने बताया कि धामी जी तब से उनके पास आ रहे हैं जब वे युवा मोर्चा की राजनीति करते थे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी का मुझे याद रखना और मंच पर बुलाकर सम्मान देना मेरे लिए किसी सपने जैसा है। वे आज भी वैसे ही सरल हैं जैसे पहले थे।”

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