
राजू अनेजा,रुद्रपुर। दिल्ली रोड स्थित 26 एकड़ भूमि पर करीब चार वर्ष पूर्व तैयार की गई नई अनाज मंडी में अभी तक आढ़तियों को दुकानें आवंटित न होने पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल भड़क उठे। उन्होंने मंडी परिषद अधिकारियों पर कार्य में ढिलाई व अनियमितता का आरोप लगाते हुए जमकर फटकार लगाई और मामले को गंभीर लापरवाही बताया।
ठुकराल ने कहा कि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने रुद्रपुर गल्ला मंडी तराई चैंबर मर्चेंट के कार्यालय का निर्माण कराया था। लोकार्पण समारोह के दौरान आढ़तियों की मांग पर ही उन्होंने आ.ना.झा. इंटर कॉलेज की 26 एकड़ भूमि का शासन में हस्तांतरण कराया और कृषि उत्पादन मंडी परिषद से 118 डबल शटर दुकानों का निर्माण करवाया।
उन्होंने कहा कि यह मंडी उत्तराखंड–उत्तर प्रदेश की सीमा पर बसे किसानों के लिए एक बड़ा केंद्र साबित हो सकती है, जहां दोनों राज्यों के किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा। साथ ही उत्तराखंड सरकार को दुकान किराया और विभिन्न शुल्कों से राजस्व भी प्राप्त होगा।
पूर्व विधायक ने आरोप लगाया कि दुकानों के आवंटन को लेकर मंडी परिषद में ‘सुविधा शुल्क’ जैसी चर्चाएं लगातार चल रही हैं, जिससे अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल हो रही है। उन्होंने साफ कहा कि आढ़तियों को दुकानें बिना किसी सुविधा शुल्क के, पूर्ण पारदर्शिता के साथ आवंटित होनी चाहिए।
ठुकराल ने बताया कि वह इस मुद्दे पर जिलाधिकारी, मंडी परिषद अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक से वार्ता करेंगे। यदि इसके बाद भी आवंटन प्रक्रिया पूरी नहीं हुई तो वे आढ़तियों के साथ मंडी परिषद गेट पर धरना देने को मजबूर होंगे।
उन्होंने सरकार के स्थानीय प्रतिनिधि, जिलाधिकारी और मंडी परिषद के एमडी को मौके पर जाकर हालात का निरीक्षण करने और कथित भ्रष्टाचार पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -
👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

