उत्तराखंड के मंत्रियों का यात्रा भत्ता 50% बढ़ा; अब ₹60,000 की जगह मिलेंगे ₹90,000 प्रतिमाह

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सरकार ने मंत्रियों के मासिक यात्रा व्यय की सीमा को बढ़ा दिया है। आज, 29 जनवरी 2026 को जारी आधिकारिक अधिसूचना के बाद अब मंत्रियों को हर महीने ₹30,000 अतिरिक्त भत्ता मिल सकेगा।

📜 नियमों में क्या हुआ बदलाव?

शासन ने ‘उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) नियमावली 1997’ में महत्वपूर्ण संशोधन किया है:

  • नया नाम: अब इसे ‘उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) (संशोधन) नियमावली 2026’ के रूप में जाना जाएगा।

  • नियम 4 में संशोधन: यात्रा भत्ते की अधिकतम सीमा को ₹60,000 से बढ़ाकर ₹90,000 कर दिया गया है।

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🚗 किन-किन पर लागू होगा यह नियम?

यह वृद्धि निम्नलिखित सभी पदों पर बैठे व्यक्तियों के लिए प्रभावी होगी:

  • मुख्यमंत्री (CM)

  • कैबिनेट मंत्री

  • राज्य मंत्री

  • उप मंत्री

विवरण: ये मंत्री उत्तराखंड के भीतर या देश के किसी भी हिस्से में अपने पदेन दायित्वों (Official Duties) के निर्वहन के लिए की गई यात्राओं पर अब ₹90,000 प्रति माह तक का खर्च क्लेम कर सकेंगे।


📋 भत्ते में बदलाव: एक नजर में

विवरण पुरानी सीमा (मासिक) नई सीमा (मासिक) कुल वृद्धि
यात्रा भत्ता (TA) ₹60,000 ₹90,000 ₹30,000
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⚖️ आर्थिक स्थिति बनाम निर्णय

इस फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस छिड़ गई है:

  • पक्ष: सरकार का तर्क है कि यात्रा लागत, ईंधन की कीमतों और दौरों की बढ़ती संख्या को देखते हुए यह संशोधन आवश्यक था।

  • विपक्ष/आलोचक: आलोचकों का कहना है कि एक ओर सरकार राज्य की आर्थिक स्थिति को ‘चुनौतीपूर्ण’ बता रही है, वहीं दूसरी ओर मंत्रियों की सुख-सुविधाओं पर अतिरिक्त बोझ डालना विरोधाभासी है।

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