त्रिवेंद्र सरकार के 114 दर्जा मंत्रियों की कुर्सियों पर मंडराया खतरा


देहरादून: पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार में बने दर्जाधारियों की कुर्सी भी डोलने लगी है। पता चला है कि हाईकमान ने इस दिशा में ग्रीन सिग्नल दे दिया है। जिसके बाद अब मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने निर्णय लेना बाकी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार त्रिवेंद्र की टीम में उन्हीं लोगों को दर्जा मंत्री का दर्जा मिलेगा जो संगठन के लिए समर्पित कार्यकर्ता होगा।
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की सरकार में 114 भाजपा नेताओं को दर्जामंत्री का दर्जा दिया गया था। त्रिवेंद्र की विदाई के बाद अब इन दर्जन मंत्रियों की कुर्सी पर भी संकट मंडरा रहा है। पता चला है कि आरएसएस भी इन दर्जा मंत्रियों को हटाने की पैरवी कर रहा है।
इधर गत 26 मार्च को उत्तराखंड के प्रभारी दुष्यंत कुमार गौतम के देहरादून का दो दिवसीय दौरा किया था। उनके इस दौरे को भी दर्जा मंत्रियों के चयन को लेकर बताया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री तीरथ को शीर्ष नेतृत्व का संदेश देते हुए सलाह दी कि वह प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार के साथ बैठक कर दर्जा मंत्रियों पर अपना निर्णय लें। जिसके बाद गत बुधवार को प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक व प्रदेश महामंत्री अजेय कुमार ने मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत से वीडियो कॉल के माध्यम से इस संबंध में चर्चा की है। जिसमें संगठन के प्रति समर्पित कार्यकर्ता को ही प्राथमिकता देने को लेकर सहमति बनी है। हालांकि अभी इस मामले में सरकार के किसी भी जनप्रतिनिधि ने आधिकारिक बयान नहीं दिए हैं।

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