उत्तराखंड: कल से टोल प्लाजा पर लागू होगा ‘ई-डिटेक्शन’ सिस्टम, बिना कागजात वाहन चलाया तो मोबाइल पर तुरंत आएगा चालान
देहरादून: उत्तराखंड में सड़क सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर परिवहन विभाग सोमवार से एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। अब राज्य के सात प्रमुख टोल प्लाजा से गुजरते समय यदि आपके वाहन के दस्तावेज (जैसे बीमा, फिटनेस या परमिट) अधूरे हैं, तो आपको किसी पुलिसकर्मी के रोकने का इंतज़ार नहीं करना होगा; सिस्टम खुद-ब-खुद आपका चालान काटकर मोबाइल पर भेज देगा।
🖥️ कैसे काम करेगी ई-डिटेक्शन प्रणाली?
यह पूरी तरह से एक स्वचालित (Automatic) तकनीक है जो टोल प्लाजा के कैमरों और फास्टैग (Fastag) रीडर से जुड़ी होगी:
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स्कैनिंग: जैसे ही वाहन टोल प्लाजा पर फास्टैग से भुगतान करेगा, कैमरा वाहन के नंबर को रीड कर लेगा।
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डेटा मिलान: ई-डिटेक्शन सिस्टम तुरंत सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के ‘वाहन’ पोर्टल से कनेक्ट होकर उस नंबर से जुड़े दस्तावेजों की जांच करेगा।
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चेकिंग: सिस्टम ऑनलाइन चेक करेगा कि वाहन का परमिट, फिटनेस, बीमा और टैक्स अपडेट है या नहीं।
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तत्काल चालान: यदि कोई भी दस्तावेज एक्सपायर पाया गया, तो सर्वर तुरंत चालान जेनरेट कर वाहन मालिक के मोबाइल पर SMS भेज देगा, जिसमें भुगतान के लिए डिजिटल लिंक भी होगा।
📋 पहले चरण में इन 3 दस्तावेजों पर नज़र
परिवहन उपायुक्त शैलेश तिवारी के अनुसार, शुरुआत में मुख्य रूप से तीन बड़े उल्लंघनों पर फोकस किया जाएगा:
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परमिट (Permit)
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बीमा (Insurance)
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फिटनेस (Fitness)
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इसके अलावा, 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहन जिनका पंजीकरण रिन्यू नहीं हुआ है, उन्हें भी यह सिस्टम तुरंत पकड़ लेगा।
📍 इन 7 टोल प्लाजा पर शुरू होगी व्यवस्था
राज्य के निम्नलिखित टोल प्लाजा पर यह हाई-टेक सिस्टम सक्रिय किया जा रहा है:
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देहरादून: लच्छीवाला टोल प्लाजा।
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हरिद्वार: बहादराबाद और भगवानपुर टोल प्लाजा।
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ऊधमसिंहनगर: जगतापुर पट्टी, बनुषी, नगला और देवरिया टोल प्लाजा।
🏆 देश का पांचवां राज्य बना उत्तराखंड
ओडिशा, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात के बाद उत्तराखंड इस आधुनिक ई-डिटेक्शन प्रणाली को लागू करने वाला देश का पांचवां राज्य बन गया है। इस सिस्टम को उत्तराखंड परिवहन विभाग ने एनआईसी (NIC) के सहयोग से विकसित किया है।

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