उत्तराखंड शिक्षा विभाग: 1 अप्रैल से 9.73 लाख छात्रों को मिलेंगी मुफ्त पाठ्यपुस्तकें; 57 करोड़ का बजट और 6 महीने की एडवांस तैयारी
देहरादून (25 मार्च 2026): राज्य के 16 हजार से अधिक सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में पढ़ने वाले नौनिहालों के लिए इस बार नया सत्र खुशियां लेकर आएगा। शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) डॉ. मुकुल कुमार सती के अनुसार, सत्र शुरू होने के पहले ही दिन किताबों का वितरण सुनिश्चित किया गया है।
1. वितरण का चरणबद्ध कार्यक्रम (Phase-wise Distribution)
| श्रेणी | छात्र संख्या | पुस्तकों की संख्या | वितरण की तिथि |
| कक्षा 1 से 8 (प्रारंभिक) | 6.29 लाख | 43.78 लाख | 1 अप्रैल 2026 |
| कक्षा 9 से 12 (माध्यमिक) | 3.44 लाख | 38.22 लाख | 15 अप्रैल के बाद |
| कुल योग | 9.73 लाख | ~82 लाख | अप्रैल माह के भीतर |
2. इस बार क्यों है समय पर मिलने की उम्मीद?
विगत वर्षों में अगस्त-सितंबर तक किताबें न मिलने की शिकायतों के बाद विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली बदली है:
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6 महीने पहले शुरुआत: प्रकाशन और खरीद की प्रक्रिया अक्टूबर 2025 में ही शुरू कर दी गई थी।
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समय पर टेंडर: पुस्तकों के मुद्रण (Printing) के लिए टेंडर प्रक्रिया समय से पूरी की गई, जिससे प्रकाशन कार्य एक माह पहले ही शुरू हो गया।
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सटीक डेटा: प्रत्येक जनपद से छात्रों की संख्या का वास्तविक ब्योरा (Data) पहले ही जुटा लिया गया था।
3. आर्थिक पक्ष और चुनौतियां
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बजट: प्रदेश सरकार मुफ्त पाठ्यपुस्तकों पर प्रतिवर्ष करीब 57 करोड़ रुपये व्यय करती है।
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भौगोलिक चुनौती: उत्तराखंड के दूरदराज के पहाड़ी क्षेत्रों और 16,000 से अधिक स्कूलों तक 82 लाख किताबें पहुँचाना रसद (Logistics) के नजरिए से एक बड़ी चुनौती रही है।
Snapshot: उत्तराखंड मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना 2026
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लक्ष्य: “पहले दिन, पहले हाथ” (किताबें सत्र के पहले दिन छात्रों तक पहुँचें)।
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निगरानी: माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा प्रकाशन कार्य की कड़ी मॉनिटरिंग की जा रही है।
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लाभार्थी: राजकीय और सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों के छात्र।

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