उत्तराखंड: नए वित्तीय वर्ष से महंगी हुई अंग्रेजी शराब; 10 से 20 रुपये तक बढ़ी दरें, देशी शराब के दाम स्थिर, जानें 5400 करोड़ का ‘राजस्व लक्ष्य’
देहरादून (1 अप्रैल 2026): आबकारी आयुक्त अनुराधा पाल के अनुसार, प्रदेश में नई आबकारी नीति के तहत शराब की दुकानों का आवंटन और नवीनीकरण कार्य लगभग पूरा हो चुका है।
1. कितनी बढ़ीं दरें? (Price Update)
नए वित्तीय वर्ष में शराब की कीमतों में बदलाव कुछ इस प्रकार है:
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अंग्रेजी शराब (IMFL): ब्रांड के अनुसार प्रति बोतल 10 रुपये से 20 रुपये तक की मामूली वृद्धि की गई है।
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देशी शराब: ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मिलने वाली देशी शराब के दामों में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है।
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ब्रांड वार बदलाव: चूंकि शराब की दरों का निर्धारण संबंधित कंपनियां भी करती हैं, इसलिए आबकारी आयुक्त ने संकेत दिया है कि कुछ विशिष्ट ब्रांड्स के दाम कम भी हो सकते हैं।
2. राजस्व लक्ष्य: 5400 करोड़ का भारी-भरकम टारगेट
विभाग ने इस वर्ष रिकॉर्ड राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा है:
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वार्षिक लक्ष्य: ₹5400 करोड़।
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अब तक की उपलब्धि: दुकानों के सेटलमेंट (आवंटन) से विभाग पहले ही ₹2600 करोड़ सुरक्षित कर चुका है।
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पिछला प्रदर्शन: बीते वित्तीय वर्ष के मुकाबले इस बार ₹250 करोड़ से अधिक की अतिरिक्त वसूली की गई है।
3. दुकानों का संचालन और प्रवर्तन (Enforcement)
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कुल दुकानें: प्रदेशभर में लगभग 700 शराब की दुकानों का संचालन किया जा रहा है।
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कड़ी निगरानी: आबकारी आयुक्त ने सभी जिलाधिकारियों और आबकारी अधिकारियों को प्रवर्तन कार्यों (Enforcement) में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं ताकि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी पर रोक लगाई जा सके।
Snapshot: उत्तराखंड आबकारी नीति 2026-27
| विवरण | आंकड़े / स्थिति |
| अंग्रेजी शराब में वृद्धि | ₹10 – ₹20 (प्रति बोतल) |
| देशी शराब के दाम | यथावत (कोई बदलाव नहीं) |
| कुल राजस्व लक्ष्य | ₹5,400 करोड़ |
| संचालित दुकानें | लगभग 700 |
| आबकारी आयुक्त | अनुराधा पाल |

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