भराड़ीसैंण (14 मार्च 2026): प्रमुख सचिव खाद्य एल फैनई ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और तेल कंपनियों के अधिकारियों के साथ आपातकालीन बैठक की। बैठक का मुख्य निष्कर्ष यह रहा कि राज्य में घरेलू गैस (LPG) का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह सुचारू है।
1. पैनिक बुकिंग: 3 दिन में 1 लाख सिलेंडर बुक
अफवाहों के कारण उपभोक्ताओं में इस कदर घबराहट फैली कि उन्होंने जरूरत न होने पर भी सिलेंडर बुक करने शुरू कर दिए:
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इंडियन ऑयल का डेटा: अकेले IOC ने पिछले 3-4 दिनों में करीब एक लाख सिलेंडरों की बुकिंग दर्ज की।
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असामान्य मांग: अधिकारियों के अनुसार, यह संख्या सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक है, जबकि वास्तविक खपत में कोई वृद्धि नहीं हुई है।
2. प्रशासन का हंटर: छापेमारी और गिरफ्तारियां
गैस संकट की आड़ में कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त तेवर अपनाए हैं। पिछले चार दिनों में बड़े स्तर पर प्रवर्तन अभियान चलाया गया:
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निरीक्षण और छापेमारी: कुल 460 निरीक्षण और 78 स्थानों पर छापेमारी की गई।
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कानूनी कार्रवाई: आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत 4 एफआईआर (FIR) दर्ज की गईं और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
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बरामदगी: कार्रवाई के दौरान 74 गैस सिलेंडर, रिफिलिंग किट और वजन करने वाले कांटे जब्त किए गए।
3. अधिकारियों को सख्त निर्देश
प्रमुख सचिव खाद्य ने जिलाधिकारियों और पूर्ति अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
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निगरानी: गैस एजेंसियों पर भीड़ और आपूर्ति की लगातार मॉनिटरिंग की जाए।
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कालाबाजारी पर रोक: कहीं भी जमाखोरी या अवैध रिफिलिंग मिलने पर तत्काल सख्त एक्शन लिया जाए।
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जनता से अपील: उपभोक्ताओं से आग्रह किया गया है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आवश्यकतानुसार ही बुकिंग करें ताकि सिस्टम पर अनावश्यक दबाव न पड़े।
Snapshot: उत्तराखंड गैस आपूर्ति स्थिति
| विवरण | वर्तमान स्थिति |
| स्टॉक की स्थिति | पर्याप्त एवं सुचारू |
| मुख्य चुनौती | अफवाहों के कारण ‘पैनिक बुकिंग’ |
| प्रवर्तन कार्रवाई | 78 छापेमारी, 4 FIR, 1 गिरफ्तारी |
| बुकिंग का दबाव | पिछले 4 दिनों में 1 लाख से अधिक (IOC) |

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