उत्तराखंड : प्यार, हमशक्ल और फर्जीवाड़ा; बांग्लादेशी महिला ने प्रेमी संग मिलकर बनवाए फर्जी भारतीय दस्तावेज, ‘मछली खाने’ के लिए दोबारा पार की सीमा
हरिद्वार पुलिस ने बांग्लादेशी नागरिक सहेला बेगम और उसके भारतीय प्रेमी श्यामदास के खिलाफ एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा किया है। यह मामला न केवल सीमा उल्लंघन और अवैध रूप से रहने का है, बल्कि इसमें भारतीय दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ और पहचान की चोरी का गंभीर पहलू भी शामिल है।
यहाँ इस पूरे घटनाक्रम और पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु दिए गए हैं:
हरिद्वार (10 अप्रैल 2026): हरिद्वार पुलिस ने अवैध रूप से रह रही 41 वर्षीय सहेला बेगम और उसे संरक्षण देने वाले श्यामदास (45) को गिरफ्तार किया है। श्यामदास पिछले चार वर्षों से हरिद्वार में एक होटल लीज पर चला रहा है।
1. आकर्षण की वजह: पहले पति का ‘हमशक्ल’
पुलिस पूछताछ में जो सबसे विचित्र बात सामने आई, वह सहेला का श्यामदास की ओर आकर्षित होने का कारण है। सहेला के अनुसार, श्यामदास की शक्ल उसके पहले बांग्लादेशी पति अमीर हमजा से काफी मिलती-जुलती है। पहले पति से अनबन और खराब आर्थिक स्थिति के बीच सोशल मीडिया पर इस ‘हमशक्ल’ से मिलना महिला के लिए भावनात्मक जुड़ाव का कारण बना।
2. 90 दिन का वीजा और 3 साल का अवैध प्रवास
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आगमन: महिला 20 मार्च 2023 को वैध बांग्लादेशी पासपोर्ट पर 90 दिनों के वीजा के साथ भारत आई थी।
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उल्लंघन: वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी वह वापस नहीं लौटी और दिल्ली व हरिद्वार में छिपकर रहने लगी।
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विचित्र यात्रा: सितंबर 2025 में वह केवल ‘मछली खाने’ के बहाने दो दिन के लिए वापस बांग्लादेश गई और फिर अवैध तरीके से भारत लौट आई।
3. ‘स्वीटी’ के नाम पर बने फर्जी दस्तावेज
श्यामदास ने सहेला को ‘स्वीटी’ नाम से एक नई भारतीय पहचान दिलाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का पूरा जाल बुना:
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आधार कार्ड व विवाह प्रमाणपत्र: हरिद्वार के एक CSC केंद्र की मदद से फर्जी तरीके से बनवाया गया।
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ड्राइविंग लाइसेंस: देहरादून (आरटीओ) से जारी करवाया गया।
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भारतीय पासपोर्ट: फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 24 मार्च 2025 को भारतीय पासपोर्ट भी हासिल कर लिया गया।
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पैन कार्ड: आर्थिक लेन-देन और पहचान के लिए इस्तेमाल किया गया।
4. पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
पुलिस ने श्यामदास और सहेला के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। साथ ही, उन केंद्रों और बिचौलियों की भी जांच की जा रही है जिन्होंने इन फर्जी दस्तावेजों को बनाने में मदद की।
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देहरादून कनेक्शन: हाल ही में देहरादून में भी बबली खातून और सुबेदा बेगम नाम की दो अन्य बांग्लादेशी महिलाएं पकड़ी गई थीं, जो स्थानीय युवकों से शादी कर पहचान छिपाकर रह रही थीं। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन सभी मामलों के पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा है।

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