उत्तराखंड : ATM गार्ड बनकर ठगी करने वाले शातिर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, ठगी करने के अपने ही बना रखे थे नियम
देहरादूनः थाना कोतवाली नगर पुलिस ने बुजुर्ग व्यक्तियों से धोखे से उनका एटीएम बदलकर उनके खाते से पैसा निकालने वाला शातिर आरोपी को शिमला बाईपास रामगढ़ से गिरफ्तार किया है. आरोपी खुद को बैंक का गार्ड बताकर घटना को अंजाम देता था. आरोपी के कब्जे से 50 हजार रुपए और अलग-अलग बैंकों के 40 एटीएम बरामद किए गए हैं. आरोपी के खिलाफ बलात्कार सहित अन्य धाराओं में उत्तर प्रदेश के सहारनपुर सहित उत्तराखंड के देहरादून में मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस आरोपी के खिलाफ अन्य आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटा रही है.

बता दें कि 2 मई को प्रदीप कुमार उनियाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 30 मार्च को पीएनबी एटीएम घंटाघर देहरादून में अज्ञात आरोपी द्वारा स्वयं को बैंक का गार्ड बताकर एटीएम कार्ड बदलकर खाते से 36 हजार रुपए निकाल लिए. पीड़ित की तहरीर के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा पंजीकृत किया गया. दूसरे मामले में रवींद्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई कि 10 जून को पीएनबी एटीएम से एक अज्ञात आरोपी द्वारा उसका एटीएम कार्ड बदलकर खाते से 65 हजार रुपए निकाल लिए गए. इस में भी अज्ञात आरोपी के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया गया. दोनों मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीमों का गठन किया गया और घटना के आस पास लगे करीब 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए.
घटनाओं में चोरी की स्कूटी शामिल: घटनास्थल से रूट के सीसीटीवी कैमरों को चेक करने पर अज्ञात अभियुक्त द्वारा घटना में प्रयुक्त वाहन स्कूटी की पहचान हुई. स्कूटी के संबंध में जानकारी जुटाने पर स्कूटी गंगनहर रुड़की क्षेत्र से दिसंबर 2022 में चोरी हुई पाई गई. इस दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी सोनू उर्फ कमल गुप्ता को शिमला बाईपास रामगढ़ से गिरफ्तार किया. एसपी क्राइम सर्वेश पंवार ने बताया कि आरोपी ने दिसंबर 2022 में रुड़की गंगनहर क्षेत्र में पार्किंग से एक स्कूटी चोरी की थी. आरोपी चोरी की स्कूटी से देहरादून के अलग-अलग क्षेत्रों के एटीएमों में जाकर गार्ड बनकर बैठ जाता है. एटीएम से पैसे निकालने में मदद करने के बहाने से लोगों का पिन कोड पता कर लेता है और ध्यान भटकाकर धोखाधड़ी से बैंक का दूसरा एटीएम कार्ड पकड़ा देता है. फिर वहां से निकलकर आस-पास के किसी दूसरे एटीएम से पैसा निकाल लेता है. पुलिस ने बताया कि घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी छुट्टी का दिन ही चुनता है ताकी कोई बैंक कर्मी उसे पकड़ ना ले.

