उत्तराखंड पुलिस के गौरवशाली इतिहास में एक नया और स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया है। राज्य की पुलिस को उनकी दशकों की उत्कृष्ट सेवा, अदम्य साहस और अनुशासन के लिए देश के सर्वोच्च सम्मानों में से एक “राष्ट्रपति पुलिस कलर” (President’s Colour) से नवाजा गया है।
यह सम्मान प्राप्त करने वाला उत्तराखंड देश के उन गिने-चुने राज्यों में शामिल हो गया है जिनके पुलिस बल की साख राष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित हुई है। यहाँ इस ऐतिहासिक उपलब्धि का विस्तृत विवरण दिया गया है:
देहरादून (3 अप्रैल 2026): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक (DGP) दीपम सेठ ने इस सम्मान को राज्य के प्रत्येक पुलिसकर्मी के समर्पण का प्रतिफल बताया है।
1. क्या है “राष्ट्रपति पुलिस कलर” सम्मान?
यह किसी भी पुलिस बल के लिए सर्वोच्च सम्मान माना जाता है। यह उन चुनिंदा पुलिस बलों को प्रदान किया जाता है जिन्होंने:
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न्यूनतम 25 वर्षों की उत्कृष्ट और निरंतर सेवा प्रदान की हो।
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कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और मानवीय सेवा में मिसाल कायम की हो।
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एक कठोर मूल्यांकन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार किया हो।
2. सीएम धामी ने गिनाईं पुलिस की उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर उत्तराखंड पुलिस के उन कार्यों को याद किया जिन्होंने इस सम्मान की नींव रखी:
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आपदा प्रबंधन: 2013 की केदारनाथ आपदा के दौरान पुलिस द्वारा किया गया रेस्क्यू ऑपरेशन पूरे देश के लिए प्रेरणा बना।
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भीड़ प्रबंधन: कुंभ मेला, चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा जैसे विशाल आयोजनों को शून्य त्रुटि (Zero Error) के साथ संपन्न कराना।
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भौगोलिक चुनौतियां: कठिन पर्वतीय क्षेत्रों और सीमित संसाधनों के बावजूद कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखना।
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आधुनिकीकरण: साइबर अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के उपयोग में अग्रणी भूमिका।
3. डीजीपी दीपम सेठ का संदेश: “स्वर्णिम अध्याय”
पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा:
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यह सम्मान हर उस जवान की मेहनत का नतीजा है जो शून्य से नीचे के तापमान और कठिन चढ़ाइयों पर तैनात रहकर राज्य की सुरक्षा करता है।
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राज्य के रजत जयंती वर्ष (25वें वर्ष) में यह पुरस्कार मिलना उत्तराखंड पुलिस के लिए सबसे बड़ा उपहार है।


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