उत्तराखंड : ननद और प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने पति की प्रेमिका की करी हत्या

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कोटद्वार, पौड़ी। 25 मई को नीलकण्ठ पैदल मार्ग धांधला पानी से पुलिया खेत के रास्ते पर झाड़ियों में एक अज्ञात महिला का शव गले में दुपट्टा बंधा हुआ बरामद हुआ। पुलिस को प्रथम दृष्टया हत्या करने के पश्चात मृतका के शव को झाड़ियों में फेंकना प्रतीत हुआ। महिला की जघन्य हत्या की घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुये वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पौड़ी लोकेश्वर सिंह द्वारा प्रभारी निरीक्षक लक्ष्मण झूला को घटना का शीघ्र खुलासा करने के निर्देश पर कई पुलिस टीमों का गठन किया गया।पुलिस की चुनौती अज्ञात महिला की शिनाख्त करना था। गठित टीमों द्वारा गहनता से जांच की गई तो पता चला कि 24 मई को मृतका और उसके साथ कुछ लोग नीलकंठ मंदिर में दर्शन के पश्चात नीलकंठ पैदल मार्ग से लक्ष्मणझूला की तरफ जाते हुये दिखाई दिए, जिनकी शिनाख्त एवं पहचान हेतु कई कैमरों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गये तो एक पुरूष व तीन महिलायें एक एसयूवी गाड़ी से जानकीपुल के पास उतरते हुए दिखाई दिए।

पुलिस टीमों द्वारा 27 मई को उक्त गाड़ी को फाजिलपुर मानेश्वर गुड़गांव में पकड़ा तो गाड़ी स्वामी अशोक ने बताया कि 24 मई को वह अपने ड्राईवर अमित के साथ ऋषिकेश गये थे जिसमें मेरे जानने वाले ओमवीर व उसके रिश्तेदारी वाली तीन अन्य महिलाओं को हम ऋषिकेश ले गए, परंतु ऋषिकेश से वापस आते हुये ओमवीर के साथ दो महिलायें वापस गाड़ी में आई थीं। उनके द्वारा हमें बताया गया कि अनीता नाम की महिला अपनी रिश्तेदारी में ऋषिकेश ही रुक गई है। टीमों द्वारा ठोस प्रयासों के बाद घटना में संलिप्त अभियुक्त रजनी कर्मपुरा, थाना तीसरी जिला गिरीडीह, गुड़गांव हरियाणा निवासी ओमवीर पुत्र राजकुमार, अभियुक्ता ममता उर्फ अनीता देवी पत्नी महेन्द्र यादव और अभियुक्ता बबीता देवी पत्नी रंजीत यादव को गुड़गांव हरियाणा से गिरफ्तार किया गया।

अनीता के बबीता के पति रंजीत के साथ थे अवैध संबंध: पौड़ी एसएसपी लोकेश्वर सिंह ने बताया कि मृतका का नाम अनीता देवी पत्नी उमेश यादव (उम्र 28 वर्ष) था. जो झारखंड के गिरिडीह के करमपुर की रहने वाली थी. अनीता के बबीता के पति रंजीत यादव के साथ अवैध संबंध थे. जिस कारण रंजीत के घर पर क्लेश रहता था. वो अपनी पत्नी बबीता के साथ अनावश्यक मारपीट भी करता था.

अवैध संबंध से बबीता और उसकी ननद ममता उर्फ अनिता रहती थी परेशान: मारपीट की वजह से बबीता और उसकी ननद ममता उर्फ अनिता काफी परेशान रहती थी. रंजीत की बहन ममता उर्फ अनिता गुरुग्राम में घरों में खाना बनाने का काम करती है. ममता उर्फ अनिता जिस कोठी में काम करती थी, वहां पर ओमवीर पुत्र राजकुमार निवासी फारूक नगर, जिला गुरुग्राम (हरियाणा) भी ड्राइवर की नौकरी करता था.

ममता उर्फ अनिता का ओमवीर (ड्राइवर) के साथ थे संबंध: ओमवीर के ममता उर्फ अनिता से संबंध थे. जिस कारण ओमवीर को ममता उर्फ अनिता ने अपनी परेशानी बताई. इसके बाद ओमवीर, ममता उर्फ अनिता और बबीता ने अनीता पत्नी उमेश यादव को मारने की योजना बनाई.

ममता उर्फ अनिता ने अपने भाई रंजीत, भाभी बबीता और अनीता को गुरुग्राम बुलाया: ममता उर्फ अनिता ने पहले अपने भाई रंजीत, भाभी बबीता और अनीता (अब मृतका) और बच्चों को अपने पास गुरुग्राम के सेक्टर 15 बुलाया और फिर ऋषिकेश नीलकंठ दर्शन का प्लान बनाया.

ओमवीर ने अशोक से गाड़ी मांगी, अशोक ने अपने ड्राइवर के साथ चारों को जानकी पुल छोड़ा: जिस पर ओमवीर ने अपने पड़ोसी अशोक से यह कहकर गाड़ी मांगी कि वो अपने परिवार के साथ नीलकंठ (ऋषिकेश) घूमने जा रहा है. अशोक अपने ड्राइवर अमित के साथ इनको लेकर ऋषिकेश आया और इन चारों को जानकी पुल पार्किंग में छोड़ दिया. रंजीत इनके साथ ऋषिकेश नहीं आया था.

अशोक और अमित जानकी पुल के पास रुके, नीलकंठ दर्शन के बाद तीनों ने अनीता का घोंटा गला: अशोक और अमित जानकी पुल के पास ही रुक गए. जहां उन्होंने स्नान आदि किया. नीलकंठ दर्शन के बाद वापसी में पैदल मार्ग पर बबीता, ममता उर्फ अनिता, ओमवीर ने अनीता की ममता के पहने दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी.

झाड़ियों में फेंका अनीता का शव: इसके बाद शव को झाड़ियों में फेंक दिया. जिसके बाद ये लोग वापस जानकीपुल पहुंचकर अशोक के साथ हरियाणा नंबर की गाड़ी से वापस गुड़गांव चले गए. जहां सुराग पतरासी कर पुलिस ने तीनों बबीता, ममता उर्फ अनिता, ओमवीर को गुरुग्राम से गिरफ्तार कर लिया.