हल्द्वानी: उत्तराखंड में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मिलने वाले नमक में रेत की मिलावट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। नमक के पैकेट पर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री धामी की तस्वीरें लगी हैं। वीडियो वायरल होने के बाद कई लोग सरकार पर आम आदमी के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
वरिष्ठ पत्रकार महिपाल नेगी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर इस मिलावट का वीडियो डाला। उन्होंने सरकारी राशन की दुकान से मिले नमक को पानी में घोला, जिसके बाद पानी में रेत जैसे कण साफ दिखाई दिए। स्थानीय निवासी राजेंद्र नेगी और आरती बिष्ट ने भी अपने घर पर इसी तरह का प्रयोग किया, जिसमें नमक में रेत के कण मिले। उन्होंने खाद्य आपूर्ति विभाग से इस नमक की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
अधिकारी ने दिया ये जवाब
मामले को लेकर जिला खाद्य आपूर्ति अधिकारी मनोज कुमार डोभाल ने कहा कि मुख्यमंत्री नमक पोषण योजना के तहत वितरित किया जा रहा नमक फोर्टीफाइड होता है। उन्होंने बताया कि किसी भी खाद्य पदार्थ को फोर्टीफाइड करने के लिए मूल वस्तु के साथ अन्य पोषक तत्व मिलाए जाते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि इस गंभीर मुद्दे को देखते हुए, नमक में मिश्रित तत्वों की जांच किसी सक्षम संस्था के माध्यम से कराई जाएगी।



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