तराई के दो ‘शेर’ क्या भाजपा को कर पाएंगे ढेर? ‘एक और एक ग्यारह’ की जोड़ी ने तराई की 9 सीटो पर भरी हुंकार

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राजू अनेजा, काशीपुर।आगामी विधानसभा चुनाव से पहले तराई की राजनीति में जबरदस्त हलचल देखने को मिल रही है। कांग्रेस ने बड़ा दांव चलते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल को पार्टी में शामिल कराकर सियासी समीकरणों को झकझोर दिया है। इस पूरी रणनीति के पीछे वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री तिलक राज बेहड़ की भूमिका को निर्णायक माना जा रहा है।

‘एक और एक ग्यारह’—तिलक-राजकुमार की जोड़ी ने भरी हुंकार

तराई की राजनीति में अब ‘एक और एक ग्यारह’ का नया समीकरण चर्चा में है। तिलक राज बेहड़ और राजकुमार ठुकराल की जोड़ी को कांग्रेस का बड़ा दांव माना जा रहा है, जिसने चुनावी रण में उतरते ही माहौल गरमा दिया है। राजनीतिक जानकार इसे कांग्रेस के लिए गेमचेंजर मान रहे हैं।

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कांग्रेस ज्वाइन करते ही ‘जनता के हीरो’ बने ठुकराल

कांग्रेस में एंट्री के बाद राजकुमार ठुकराल एक बार फिर जनता के बीच सक्रिय और आक्रामक अंदाज में नजर आ रहे हैं। समर्थकों के बीच उनकी लोकप्रियता और पकड़ को देखते हुए उन्हें ‘जनता का हीरो’ कहा जा रहा है। उनकी वापसी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा भर दी है।

राजनीतिक वनवास के बाद पूरे जोश में  ठुकराल

लंबे समय से राजनीतिक वनवास झेल रहे ठुकराल अब पूरी तरह ऊर्जा से भरपूर दिखाई दे रहे हैं। मंच हो या जनसंपर्क, हर जगह उनका आत्मविश्वास और आक्रामक तेवर साफ नजर आ रहा है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि वे इस बार पूरी ताकत के साथ मैदान में उतरने के मूड में हैं।

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बेहड़ की रणनीति से बदले समीकरण, भाजपा पर दबाव

तराई के सियासी शहंशाह माने जाने वाले तिलक राज बेहड़ ने इस एक फैसले से पूरे जिले की राजनीति का रुख बदल दिया है। उनकी रणनीति ने कांग्रेस को मजबूती दी है, वहीं भाजपा के लिए चुनौती खड़ी कर दी है। सियासी गलियारों में इसे मास्टरस्ट्रोक के तौर पर देखा जा रहा है।

9 में 9 का लक्ष्य, कांग्रेस का बड़ा मिशन

उधम सिंह नगर में पिछली बार 9 में से 5 सीटें जीतने वाली कांग्रेस अब इस बार सभी 9 सीटों पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है। तिलक राज बेहड़ की सक्रियता और राजकुमार ठुकराल की एंट्री ने इस लक्ष्य को और मजबूती दी है।

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बड़ा सवाल—क्या ‘दो शेर’ भाजपा को कर पाएंगे ढेर?

अब नजर इस बात पर टिकी है कि तराई के ये दो ‘शेर’—तिलक राज बेहड़ और राजकुमार ठुकराल—क्या भाजपा को मात देकर सत्ता का रास्ता साफ कर पाएंगे, या फिर भाजपा एक बार फिर हैट्रिक लगाकर सबको चौंका देगी।
फिलहाल सियासी तापमान हाई है, दांव बड़े हैं और तराई का चुनावी रण इस बार बेहद दिलचस्प होने जा रहा है।

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