राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार, मानिला अल्मोड़ा में समान नागरिक संहिता (यू.सी.सी.) पर कार्यशाला का आयोजन

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आज दिनांक 4 अप्रैल 2025 को राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कुणीधार,मानिला,अल्मोड़ा में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जी .एस. यादव की अध्यक्षता में समान नागरिक संहिता पर छात्र-छात्राओं के मध्य जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से कार्यशाला का आयोजन किया गया।

कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में प्रतिष्ठित एडवोकेट श्री जी.एस चौहान, मुख्य वक्ता के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण(अल्मोड़ा) में अधिकार मित्र श्रीमती हेमा पांडे, वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ गोरखनाथ समस्त प्राध्यापक,कर्मचारी वर्ग एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलन के साथ किया गया। अतिथि सत्कार की परंपरा के तहत कार्यशाला के मुख्य अतिथि श्री जीएस चौहान जी को वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ गोरखनाथ द्वारा, मुख्य वक्ता श्रीमती हेमा पांडे को राजनीति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ प्रियंका द्वारा, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉक्टर जी एस यादव को रसायन विज्ञान के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ महेश कुमार द्वारा तथा वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ गोरखनाथ को हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नरेश लाल द्वारा बैज अलंकरण कर सम्मानित किया गया ।

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कार्यक्रम का आयोजन एवं मंच का संचालन महाविद्यालय में यू.सी. सी की नोडल अधिकारी डॉ संतोष पंसारी के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को शुभारंभ करते हुए डॉ संतोष पंसारी द्वारा समान सिविल संहिता की अवधारणा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला गया।

कार्यशाला में मुख्य वक्ता श्रीमती हेमा पांडे ने समान सिविल संहिता के तहत विवाह, लिव इन संबंधो‌ तथा विवाह विच्छेद पंजीकरण की अनिवार्यताओं को बताते हुए पंजीकरण की ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रक्रियाओं के बारे में छात्र-छात्राओं को जानकारी प्रदानकी। मुख्य अतिथि श्री जीएस चौहान द्वारा बहुत ही सरल और सहज शब्दों में समान सिविल संहिता की रूपरेखा छात्रों के समक्ष प्रस्तुत करते हुए विवाह पंजीकरण ,उत्तराधिकार संबंधी प्रावधान से छात्र-छात्राओं का अवगत कराया गया।

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महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ जी एस यादव ने समान सिविल संहिता को महिला अधिकारों व लैंगिक समानता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए महाविद्यालय के प्राध्यापक व कर्मचारी वर्ग जिनका विवाह दिनांक 26 मार्च 2010 के पश्चात हुआ है,को शीघ्र यू.सी. सी पोर्टल पर अपने विवाह को पंजीकृत करने के लिए कहा गया।

वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ गोरखनाथ द्वारा छात्र-छात्राओं को समान सिविल संहिता के सामाजिक और कानूनी प्रभावों के बारे में जानकारी प्रदान की गई। राजनीति विज्ञान की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रेखा ने समान सिविल संहिता के महत्व पर छात्र-छात्राओं के साथ चर्चा की। कार्यशाला के समापन से पूर्व डॉ संतोष पंसारी द्वारा कार्यशाला में सहयोग प्रदान करने के लिए सभी का आभार ज्ञापित किया गया।

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समान सिविल संहिता पर आयोजित कार्यशाला में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक डॉ शेफाली सक्सैना, डॉ जितेंद्र प्रसाद ,डा खीला कोरंगा ,डॉ रेखा डॉ गार्गी लोहनी, डॉ‌ भावना अग्रवाल डॉ प्रियंका ,डॉ‌‌ खुशबू आर्य ,डॉ‌ महेश कुमार ,डॉ नरेश लाल तथा समस्त कर्मचारी वर्ग श्रीमती देवकी देवी, श्रीमती तुलसी देवी, श्रीमती गंगा देवी श्री भुवनचंद्र भट्, श्री भूपाल सिंह,श्री महेश उपाध्याय, श्री महेश बंगारी, श्री दिलीप पाल,श्री विनोद रावत, श्री महेंद्र कुमार उपस्थित रहे।

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