अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने से मची तबाही, यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का नया जत्था रवाना

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अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने के बाद से NDRF और SDRF की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई लोग लापता बताए जा रहे हैं। हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने शोक जताया है।

प्रधानंमत्री नरेंद्र मोदी ने अमरनाथ हादसे पर दुख जताते हुए कहा ‘श्री अमरनाथ गुफा के पास बादल फटने की खबर से जान गंवाने वाले लोगों के परिवार वालों के प्रति मेरी संवेदना। मैंने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया। सभी तरह के राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं। हादसे से प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद दी जाएगी।’

DG NDRF अतुल करवाल ने हादसे की जानकारी देते हुए बताया कि हमारी 1 टीम गुफा के पास तैनात रहती है, वो टीम तत्काल बचाव कार्य में जुट गई थी। 2 टीम पास में है जिसमें से 1 वहां पहुंच कर काम पर लग गई है, 1 टीम शामिल होने वाली है।वहां मौजूद हमारे लोगों के मुताबिक 10 लोगों के मौत की खबर है और 3 को वहां से जीवित निकाला गया है। वहां पर और भी कई संस्थाओं की टीमें जैसे ITBP,आर्मी, लोकल पुलिस मौजूद है। वहां ढलान काफी ज्यादा है इसलिए पानी काफी तेजी से आता है। बहाव के चलते टेंटों को नुकसान पहुंचा है। आशा है कि बहाव और कम हो जाएगा लेकिन हम हर स्थिति के लिए तैयार हैं।

इसी कड़ी में शुक्रवार की देर रात को अमरनाथ यात्रा के लिए तीर्थयात्रियों का एक नया जत्था जम्मू बेस कैंप से कश्मीर में बालटाल और पहलगाम बेस शिविरों के लिए रवाना हुआ. इस दौरान न्यूज एजेंसी एएनआई से एक तीर्थ यात्री ने बात करते हुए कहा कि हम पहलगाम शिविर की ओर जा रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि यात्रा फिर से शुरू होगी. हम सभी तीर्थयात्रियों की रक्षा के लिए बाबा भोलेनाथ से प्रार्थना करते हैं. बता दें कि दक्षिण कश्मीर में स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा के पास शुक्रवार शाम को बादल फटने से आयी आकस्मिक बाढ़ के कारण कई लोग बह गये एवं कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई. एक अधिकारी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि करीब 40 लोग लापता हैं तथा पांच को बचाया गया है.

पुलिस एवं एनडीआरएफ अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में कई टेंट तथा सामुदायिक रसोईघर नष्ट हो गए. जम्मू कश्मीर प्रशासन के एक अधिकारी ने बातया कि इस त्रासदीके कारण अमरनाथ यात्रा निलंबित कर दी गयी है तथा उसे बहाल का निर्णय बचाव अभियान पूरा हो जाने के बाद ही लिया जाएगा. अमरनाथ यात्रा तीन जून को शुरू हुई थी. राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के निदेशक जनरल अतुल करवार ने ‘पीटीआई -भाषा’ को बताया कि इस बल की एक टीम पहले से ही प्रभावित क्षेत्र में है तथा बरारी मार्ग एवं पंचतरणी से एक-एक और टीम वहां पहुंच गयी है. वहीं राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने ट्वीट किया, ” शोकसंतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना है. बचाव एवं राहत कार्य वहां फंसे लोगों की मदद के लिए पूरी गति से चल रहा है.

इस हादसे के बाद हेल्प लाइन नंबर जारी किए गए हैं। प्रशासन ने NDRF, कश्मीर डिवीज़नल हेल्पलाइन, श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इन नंबरों पर फोन करके आप मदद के लिए संपर्क कर सकते हैं।

एनडीआरएफ
011-23438252
011-23438253

कश्मीर डिवीज़नल हेल्पलाइन
0194-2496240

श्राइन बोर्ड हेल्पलाइन
0194-2313149

पुलिस कंट्रोल रूम अनंतनाग
9596777669
9419051940
01932225870
01932222870

संयुक्त पुलिस कंट्रोल रूम पहलगाम
9596779039
9797796217
01936243233
01936243018

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