इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद किशोर और किशोरी मुंबई जाने के लिए घर से निकले, हुआ यह अंजाम
इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद किशोर और किशोरी मुंबई जाने के लिए घर से निकल पड़े। जीआरपी की सजगता के चलते दोनों का जीवन बर्बाद होने से बच गया। किशोरी के पिता ने दिल्ली के हरी नगर थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा रखी थी। दोनों को जीआरपी ने परिजनों को सौंप दिया।

जंक्शन रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या एक पर मंगलवार की रात जीआरपी थाने की छावनी चौकी के प्रभारी उप निरीक्षक प्रमोद कुमार शर्मा चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान जंक्शन पर संदिग्ध हालत में घूम रहे किशोर और किशोरी पर उनकी नजर पड़ी। उन्होंने दोनों से परिजनों के बारे में जानकारी की तो वह सकपका गए। वह खुद को भाई बहन बता रहे थे, उन्होंने उनके आधार कार्ड चेक किए तो पता चला कि किशोर मेरठ और किशोरी दिल्ली की रहने वाली थी।
उन्होंने उनसे परिजनों का फोन नंबर लिया और किशोरी के पिता से बात की। किशोरी के पिता ने बताया कि उसके अपहरण की रिपोर्ट दिल्ली के हरी नगर थाने में दर्ज है। किशोर के परिजनों से जब बात की गई तो वह भी उसे तलाश कर रहे थे। देर रात दोनों के परिजन जीआरपी थाने पहुंच गए। आवश्यक कार्रवाई के बाद दोनों को परिजनों के हवाले कर दिया।
जीआरपी प्रभारी निरीक्षक संजय खरवार ने बताया कि किशोरी कक्षा 11 और किशोर कक्षा 10 का छात्र था। दोनों की इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई थी। दोनों घर से मुंबई जाने के लिए निकले थे। शक के आधार पर दोनों को उप निरीक्षक ने पकड़ा था। किशोरी के पिता दिल्ली के सरकारी विभाग में नौकरी करते हैं और किशोर के पिता मेरठ में आटो चलाते हैं। इस दौरान वह यदि किसी गलत हाथों में पड़ जाते तो दोनों का जीवन बर्बाद हो जाता। किशोरी के पिता ने दिल्ली के थाने में उसके अपहरण की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराई हुई थी। दोनों को परिजनों के हवाले कर दिया।
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