काशीपुर में भाजपा को दुर्ग बचाने की चुनौती,20 वर्षों से इस सीट पर भाजपा का रहा है कब्जा

तो क्या सीट बचाने के लिए धामी स्वयं उतरेंगे काशीपुर के चुनावी रण में?

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राजू अनेजा, काशीपुर। पिछले 20 वर्षों से काशीपुर सीट पर काबीज भाजपा को इस बार विधानसभा चुनाव में इस सीट को बचाए रखना किसी चुनौतीपूर्ण कार्य से कम नहीं लग रहा है ।

बताते चलें कि पिछले 20 वर्षों से सीटिंग विधायक हरभजन सिंह चीमा काशीपुर विधानसभा सीट पर कांग्रेस को चुनावी रण में पटकनी देते हुए आए हैं परंतु इस बार उम्र का तकाजा निवर्तमान विधायक हरभजन सिंह चीमा के आड़े आने से उन्होंने इस बार अपने पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को चुनाव लड़ाने का मन बनाया है ।

वही इस बार काशीपुर विधानसभा सीट पर आप की जबरदस्त एंट्री ने भी यहां सारे समीकरणो को बदल कर रख दिया है अभी तक कांग्रेस पर हावी हुई भाजपा को इस बार चुनावी रण में आम आदमी पार्टी के सशक्त उम्मीदवार दीपक बाली से भी दो-दो हाथ करना पड़ेगा जिसके चलते अब यह काशीपुर सीट उत्तराखंड की हॉट सीट बनती जा रही है काशीपुर में भाजपा को इस बार सीट बचाने के लिए ऐसे उम्मीदवार की तलाश है जो पिछले 20 वर्ष पुराने भाजपा के इस दुर्ग को बचाए रखें।

भाजपा को इस सीट को बचाए रखना सबसे चुनौतीपूर्ण कार्य बन गया है सूत्रों की बात की जाए तो भाजपा इस बार काशीपुर सीट पर कोई भी रिस्क नहीं लेना चाहती है जिसके चलते इस सीट पर वह निवर्तमान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी उतार सकती है इसके अलावा भाजपा के कद्दावर नेता बलराज पासी भी काशीपुर से अपनी दावेदारी पेश कर काशीपुर में जमकर पसीना बहा रहे हैं इसके अलावा भाजपा के एक और प्रबल दावेदार वरिष्ठ भाजपा नेता राम मल्होत्रा भी रोजाना क्षेत्र में जबरदस्त जनसंपर्क करते दिखाई दे रहे हैं। इधर शनिवार को आचार संहिता लगने के बाद टिकट के दावेदारों की भी धड़कने बढ़ गई है अब देखना यह होगा कि इस बार भाजपा अपने इस दुर्ग को बचाए रखने के लिए कौन से महारथी को चुनावी रण में उतारती है।

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