काशीपुर में विजिलेंस का बड़ा एक्शन: 20 हजार की रिश्वत लेते कनिष्ठ अभियंता रंगे हाथ गिरफ्तार, वीडीओ पर भी गिरेगी गाज

काशीपुर: उत्तराखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। कुंडा क्षेत्र में सोमवार (29 जून) को हल्द्वानी विजिलेंस की ट्रैप टीम ने जसपुर ब्लॉक के कनिष्ठ अभियंता (जेई) विवेक कुमार को 20 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस औचक कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। मामले में संलिप्तता पाए जाने पर ग्राम पंचायत विकास अधिकारी (वीडीओ) दीपक सागर के खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
भुगतान के एवज में मांगी थी रिश्वत
सतर्कता अधिष्ठान के अनुसार, एक पंजीकृत ठेकेदार ने टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता का आरोप था कि जसपुर ब्लॉक में वाटर कूलर लगाने का कार्य पूरा होने के बाद भी उसका भुगतान नहीं किया जा रहा था। बिल पास करने के एवज में कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार 20 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहे थे, जबकि ग्राम पंचायत विकास अधिकारी दीपक सागर ने भी इसी काम के लिए 12 हजार रुपए की डिमांड की थी।
ट्रैप टीम ने बिछाया जाल
शिकायत मिलने पर विजिलेंस ने मामले की गोपनीय जांच कराई, जिसमें आरोप सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक (सतर्कता अधिष्ठान हल्द्वानी) के निर्देशन में एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया। योजना के तहत जैसे ही शिकायतकर्ता ने कनिष्ठ अभियंता विवेक कुमार को रिश्वत की रकम सौंपी, वैसे ही मुस्तैद टीम ने उन्हें मौके पर ही दबोच लिया।
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
विजिलेंस अधिकारियों का कहना है कि दूसरे आरोपी वीडीओ दीपक सागर के खिलाफ भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। सतर्कता विभाग ने स्पष्ट किया है कि उत्तराखंड में भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विभाग ने जनता से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर 1064 या व्हाट्सएप हेल्पलाइन 9456592300 पर सूचना दें; शिकायतकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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