जेठ के साथ उठी बहू की अर्थी, सदमे में बहन ने छत से लगा दी छलांग, सकते में गांव

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राजस्थान के सीकर जिले के धोद कस्बे में मंगलवार को सड़क दुर्घटना में बेटे महेंद्र और विमला की मौत के बाद गांव में गमगीन माहौल हो गया। परिवार के दो लोगों की मौत का गम ऐसा था कि आसपास के घरों में चूल्हे तक नहीं जले। हालात यह थे कि लोग बुजुर्ग मां-बाप को बेटे-बहु की मौत की जानकारी तक देने की हिम्मत नही जुटा पा रहे थे। वहीं, सदमे में सुध बुध खोई बहन भी शवों को देखकर छत से कूछ गई। जिससे उसका पैर टूट गया। इससे पहले बुधवार सुबह धोद थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। जैसे ही बेटा-बहु के शव घर पहुंचे तो घर मे कोहराम मच गया। सभी की आंखें नम हो गई। बड़ी हिम्मत जुटाकर लोग वृद्ध माता-पिता को सांत्वना दे रहे थे। थानाधिकारी राकेश कुमार ने बताया कि परिजनों की ओर से मामला दर्ज करवा दिया है। सीसीटीवी कैमरों की मदद से गाड़ी की तस्दीक कर ली है। पुलिस गाड़ी की तलाश में जुटी है।

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मौत की खबर से छोटी बहन को लगा सदमा

इधर, भाई महेंद्र ओर भाभी विमला की मौत की खबर से छोटी बहन को भी भारी सदमा लगा। जैसे दोनो के शव घर पहुँचे तो छोटी बहन ने सदमे में आकर छत से छलांग लगा ली। जिससे एक पैर फेक्चर हो गया। उसका बाद में अस्पताल में उपचार करवाया गया।

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बेटा गोद लेने के बाद भी किस्मत रूठी

मामले में एक दर्दभरी दास्तां ओर सामने आई है। जानकारी के अनुसार ईश्वर राम के पुत्र ने नही होने से उसने अपने भाई के बेटे महेंद्र को गोद लिया था। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था। किस्मत ने गोद लिए बेटे को भी बुढ़ापे में छीन लिया। ऐसे में हादसे की सूचना के बाद से ईश्वर राम को रो— रोकर बुरा हाल है।

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