ट्रांसपोर्टर की अगवा कर हत्या, पुलिस से बचने को कातिल ने अपनाया ये प्लान

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उत्तर-पूर्वी दिल्ली के खजूरी खास इलाके में ट्रांसपोर्ट कारोबारी की अगवा कर लूटपाट के बाद हत्या करने की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है।

पुलिस ने इस संबंध में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मुख्य आरोपी विजय उर्फ सन्नी (30) और जान मोहम्मद उर्फ जानू (26) के रूप में हुई है। विजय उर्फ सन्नी समयपुर बादली थाने का घोषित बदमाश है। वारदात के बाद आरोपी कांवड़ लेने हरिद्वार चला गया था। वहां से वापस लौटते समय पुलिस ने उसे शाहदरा के बाद कावंड शिविर से गिरफ्तार किया। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई वैगनआर कार भी बरामद कर ली है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। उत्तर-पूर्वी जिला पुलिस उपायुक्त संजय कुमार सैन ने बताया कि पांच जुलाई को खजूरी खास निवासी देव सिंह रावत ने अपने पिता जयपाल सिंह रावत (54) के गायब होने की शिकायत खजूरी थाने में करवाई थी। उसके पिता का ट्रांसपोर्ट का काम है। वह निजी कंपनियों में कैब चलवाने के अलावा खुद भी कैब चलते हैं।

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देव सिंह ने बताया कि तीन जुलाई को वह अपनी वैगनआर कार लेकर निकले थे। इसके बाद से वह गायब हो गए। देव ने यह भी बताया कि घटना वाले दिन उसके पिता फोन पर किसी से बात कर रहे थे, अचानक शोर-शराबे के बाद फोन कट गया और उसके पिता गायब हो गए। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की।

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पुलिस ने जयपाल के मोबाइल की सीडीआर कलेक्ट की तो पता चला कि उनका मोबाइल चालू था। उसे समयपुर बादली निवासी सन्नी उर्फ विजय नामक घोषित बदमाश चला रहा था। पुलिस ने समयपुर बादली में उसके घर छापा मारा, लेकिन वह गायब मिला। जांच के दौरान पुलिस सन्नी की गर्लफ्रेंड के पास पहुंची। उससे पूछताछ के बाद पुलिस ने सन्नी के एक साथी ओम प्रकाश (25) को 18 जुलाई को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान उसने जयपाल की हत्या की बात बताई। आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन इन लोगों ने खजूरी खास से जयपाल को कार समेत अगवा कर लिया था। लूटपाट के दौरान विरोध करने पर जयपाल की लोहे के पंच और बर्फ तोड़ने वाले सुए से वार कर अचेत कर दिया था। बाद में उसे मुनक नहर में फेंक दिया।

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ओमप्रकाश से पूछताछ के बाद बाबू जगजीवन राम अस्पताल से जयपाल का शव बरामद हो गया। मोर्चरी से पता चला कि लोकल पुलिस को चार जुलाई को ही जयपाल का शव मिल गया था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो पाई थी। अब पुलिस ने सन्नी और उसके बाकी साथियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी सन्नी कांवड़ लेने हरिद्वार गया हुआ है।