त्रिलोक सिंह चीमा को प्रत्याशी बनाए जाने के बाद काशीपुर भाजपा में मचा घमासान

प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर भाजपा के 400 पदाधिकारियों ने अपने अपने पदों से दिया इस्तीफा

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राजू अनेजा, काशीपुर। भाजपा हाईकमान द्वारा त्रिलोक सिंह चीमा को अपना प्रत्याशी बनाए जाने के बाद काशीपुर भाजपा में जबरदस्त आक्रोश देखने को मिल रहा है।भाजपा आलाकमान द्वारा चीमा पुत्र को टिकट दिये जाने के विरोध में की गई सामूहिक बैठक के दौरान प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर काशीपुर भाजपा के लगभग 400 पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने भाजपा के पदों से सामूहिक इस्तीफा दे दिया है।

बता दें कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा अपने वरिष्ठ नेताओं के टिकट की मांग को दरकिनार करते हुए वर्तमान विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को काशीपुर विधानसभा से टिकट दे दिया गया। जिसके बाद भाजपा में बगावत के सुर उठ खड़े हुए हैं। नगर के एक निजी होटल में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने आपात बैठक आयोजित कर अपने-अपने पद से इस्तीफा दे दिया।

पार्षद गुरविंद सिंह चण्डोक ने बताया कि एक बैठक के दौरान भाजपा की गलत नीतियों के विरोध में काशीपुर विधानसभा क्षेत्र के अधिकांश पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि विधायक हरभजन सिंह चीमा पिछले 4 बार से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़कर यहां के विधायक हैं। अब उनकी उम्र 75 के पार हो चुकी है। तथा भाजपा का अकाली दल से गठबंधन भी टूट चुका है। इस कारण स्थानीय भाजपा नेताओं को उम्मीद थी कि इस बार पार्टी भाजपा के ही किसी वरिष्ठ पदाधिकारी को टिकट देगी। इसलिए इस बार राम मेहरोत्रा, मेयर उषा चौधरी, चौधरी खिलेंद्र सिंह, प्रदेश मंत्री आशीष गुप्ता, पार्षद गुरविंदर सिंह चण्डोक सहित कई पदाधिकारियों ने टिकट के लिए दावेदारी पेश की थी। लेकिन पार्टी आलाकमान ने इन सभी की दावेदारी को नकारते हुए विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र त्रिलोक सिंह चीमा को प्रत्याशी घोषित कर दिया। जबकि विधायक हरभजन सिंह चीमा के पुत्र का कोई राजनीतिक जीवन नहीं रहा है। वे कुछ समय पूर्व ही उनके पिता ने उन्हें भाजपा में शामिल करवाकर अपना उत्तराधिकारी घोषित किया था। चीमा अपने पुत्र को भाजपा से टिकट दिलवाने में भी कामयाब हो गये। लेकिन आलाकमान के इस निर्णय से भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं के दिल को धक्का लगा और उन्होंने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

इसी को लेकर बाजपुर रोड स्थित एक होटल के सभागार में भाजपा के तमाम दावेदारों व पदाधिकारियों की एक आवश्यक बैठक आहूत की गयी। बैठक में राय शुमारी के बाद उन्होंने प्रत्याशी बदलने की मांग को लेकर अपने-अपने पदों से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है।
साथ ही यह तय किया गया कि भाजपा ने यदि अपना प्रत्याशी नहीं बदला तो वरिष्ठ भाजपा नेता राम मल्होत्रा एवं मेयर उषा चौधरी इनमें से एक को निर्दलीय रूप से चुनाव लड़वाया जाएगा
बैठक में मेयर उषा चौधरी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के डॉ. गिरीश तिवारी, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राम मेहरोत्रा, प्रदेश मंत्री आशीष गुप्ता, महानगर अध्यक्ष मोहन बिष्ट, जिला उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह चण्डोक, भाजयुमो के जिलाध्यक्ष सर्वजीत सिंह, गुरबख्श सिंह बग्गा सहित तमाम भाजपाई शामिल थे।

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