दारोगा भर्ती घोटाला : ओएमआर सीट पर गोल घेरों में कई जगह व्हाइटनर के मिले निशान
हल्द्वानी : दारोगा भर्ती घोटाले में 12 नकल माफियाओं पर प्राथमिकी हो गई है, लेकिन दारोगाओं के नाम सामने आना अभी बाकी है। प्रकरण की जांच कर रही विजिलेंस को दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन में गड़बड़ी मिली है।
सूत्रों की मानें तो ओएमआर सीट पर गोल घेरों में कई जगह व्हाइटनर के सफेद निशान हैं।

जीवी पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर ने वर्ष 2015 में उत्तराखंड पुलिस की दारोगा भर्ती कराई थी। इस दौरान 339 युवा उत्तीर्ण हुए थे। जिसमें कुमाऊं के 129 और गढ़वाल के 210 अभ्यर्थी शामिल थे। वीपीडीओ पेपर लीक मामले में नकल माफिया हाकम सिंह, चंदन मनराल, सादिक मूसा, केंद्र पाल व परीक्षा के लिए अधिकृत दिनेश चंद्र जोशी की गिरफ्तारी पर दारोगा भर्ती घोटाले से पर्दा हट गया।
स्पेशल टास्क फोर्स के एसएसपी अजय सिंह ने इस प्रकरण से शासन को अवगत कराया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने मामले की जांच विजिलेंस को सौंप दी। प्राथमिकी दर्ज होते ही विजिलेंस ने दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। सबसे बड़ा हथियार ओएमआर सीट है।
विजिलेंस सूत्रों के अनुसार ओएमआर में कई जगह पर व्हाइटनर के निशान लगे हुए हैं। जिससे गड़बड़ी की ओर इशारा हो रहा है। दस्तोवजों का भौतिक सत्यापन अभी जारी है। ओएमआर सीट पर लिखने जैसी कोई बात नहीं है। बहरहाल, राइटिंग मिलान का सवाल नहीं बन रहा है। जरूरत पडऩे पर परीक्षा के दौरान कई जगहों पर हुए दारोगाओं के हस्ताक्षरों को भी हथियार बनाया जा सकता है।
विवि के डीन जादौन से दो बार पूछताछ
जीवी पंत कृषि एवं प्रोद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय के डीन नरेंद्र सिंह जादौन विजिलेंस की राडार पर हैं। विजिलेंस प्राथमिकी दर्ज करने से पहले उनसे दो बार पूछताछ कर चुकी है। तब काफी कुछ सबूत विजिलेंस के हाथ लगे थे। कई बिंदुओं पर कड़ी से कड़ी जुड़ गई।
दिनेश ने कराई नकल माफिया की घुसपैठ
पंतनगर विश्वविद्यालय में नकल माफिया की घुसपैठ पूर्व असिस्टेंट प्रोफेसर दिनेश चंद्र जोशी ने कराई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आ चुकी है। प्रोफेसर नरेंद्र सिंह जादौन की कमजोर नब्ज को टटोलकर उनकी इच्छानुसार सेवाएं मुहैया कराई गई। इसके अलावा लाखों रुपये का खेल चला। अभ्यर्थियों से मिले रुपयों का कई हिस्सा उच्चाधिकारियों तक भी पहुंचा।
अग्रिम जमानत के लिए जद्दोजहद शुरू
दारोगा भर्ती घोटाले के आरोपित बनाए गए कुछ जयचंदो ने अपना बचाव करने के लिए दाव पेंच अजमाने शुरू कर दिए हैं। अग्रिम जमानत के लिए कुछ कोर्ट की शरण में पहुंचे हैं। लेकिन कोर्ट से भी उन्हें जमानत मिलते हुए नजर नहीं आ रही है।
प्रोफेसर जादौन पर रिटायरमेंट से पहले लगा कलंक
रिटायरमेंट से पहले प्रोफेसर नरेंद्र सिंह जादौन पर घोटाले का कलंक लग गया। पंतनगर विवि के सूत्रों के मुताबिक फरवरी तक जादौन को रिटायर होना था। रिटायरमेंट से पहले ही उन्हें गुनाह की सजा भुगतनी पड़ गई। उनका जेल जाना तय है।
दारोगाओं के विरुद्ध जल्द होगा एफआईआर
विजिलेंस डायरेक्टर अमित सिन्हा का कहना है कि दारोगाओं के विरुद्ध यथाशीघ्र प्राथमिकी की जाएगी। विजिलेंस दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन कर रही है। आरोपित कोई भी हो बख्शा नहीं जाएगी।
दोषियों को दिलाई जाएगी सजा
एसपी विजिलेंस प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि दस्तावेजों की जांच जारी है। प्राथमिकी दर्ज होने से पहले कुछ लोगों से पूछताछ की गई थी। निष्पक्ष जांच कर दोषियों को उनके गुनाह की सजा दिलाई जाएगी।
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