दुष्‍कर्म के मामले में कोर्ट ने सुनाया अनोखा फैसला, पीड़िता मुकर गई पर मां ने दिलाई सजा

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जिसके साथ दुष्‍कर्म हुआ वह ही कोर्ट में मुकर गई। जिसकी वजह से यह मामला सामने आया वह भी कोर्ट में मुकर गई। इसके बावजूद कोर्ट ने गुनहगार को उसके जुर्म की सजा देने का निश्‍चय किया है। बिहार की एक अदालत में यह अनोखा मामला आया है।

बिहार की एक अदालत में दुष्‍कर्म का एक अनोखा केस सामने आया है। इस मामले में गुनहगार को जल्‍दी ही सजा होने वाली है। जज ने साफ कर दिया है कि उसने गुनाह किया है और इसके लिए उसे कड़ी सजा दी जाएगी। यह मामला अनोखा इसलिए है कि पीड़‍िता ही मुकर चुकी है। जिसकी वजह से यह मामला सामने आया, वह भी अपने बयान पर स्‍टैंड नहीं कर सकी। इसके बावजूद कोर्ट ने आखिर कैसे इस शख्‍स को गुनहगार माना, यह जानना दिलचस्‍प है। इस मामले का एक और ध्‍यान देने वाला और बेहद शर्मनाक पहलू यह है कि मामला पिता और उसकी महज 11 साल की बेटी से जुड़ा हुआ है।

तीन साल पहले के मामले में कोर्ट ने माना गुनहगार 

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (षष्टम) सह पाक्सो के विशेष न्यायाधीश जीवन लाल ने तीन वर्ष पूर्व नाबालिग बेटी से दुष्कर्म किए जाने के मामले में पिता को दोषी करार दिया है। सजा के बिंदु पर चार जुलाई को सुनवाई की जाएगी। वैशाली जिले में इस तरह का यह पहला मामला है। 

जंदाहा थाना क्षेत्र के एक गांव में 11 वर्षीया बच्ची से उसका पिता दो अप्रैल 2019 को दुष्कर्म कर रहा था। इस कुकृत्य को पीड़‍ि‍ता की दादी ने देख लिया। उन्होंने शोर मचाकर आसपास के लोगों को जुटा लिया। यह देख वह भागने लगा तो लोगों ने पकड़ कर उसे बांध दिया। फिर घटना की सूचना पुलिस को देकर गिरफ्तार करा दिया गया। पीडि़ता के बयान पर जंदाहा थाना में तीन अप्रैल 2019 को पिता पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई। पुलिस ने पीडि़ता का बयान अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अनुपम कुमारी के समक्ष दर्ज कराया था।

पीडि़ता मुकर गई पर सरकारी गवाह ने दिलाई सजा  

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इस मामले में विशेष लोक अभियोजक मनोज कुमार शर्मा ने नौ साक्षियों का परीक्षण-प्रतिपरीक्षण किया। इसमें पीडि़ता सहित दो गवाह बाद में मुकर गए। लेकिन सरकारी गवाह न्यायिक दंडाधिकारी अनुपम कुमारी, डा. ज्योत्सना, डा. बीके सिंह, डा. गोपाल प्रसाद सिंह, डा. एसके वर्मा एवं केस के अनुसंधानक ने घटना को सही बताते हुए साक्ष्य प्रस्तुत किए। इस आधार पर न्यायालय ने दुष्कर्मी पिता को दोषी करार किया।

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