दो गुटों में बटी उत्तरांचल पंजाबी महासभा का हुआ विलय ,उत्तरांचल पंजाबी महासभा की प्रदेश स्तरीय बैठक में पंजाबी समाज को एकजुट कर संगठित करने का लिया निर्णय
Uttaranchal Punjabi Mahasabha divided into two groups merged, in the state level meeting of Uttaranchal Punjabi Mahasabha, decision was taken to unite and organize the Punjabi society.
राजू अनेजा,काशीपुर। उत्तराचंल पंजाबी महासभा के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक में महासभा को संगठित करते हुए इसकी मजबूती के लिए कार्य करने पर चर्चा की गई।
बता दें कि प्रदेश में उत्तराचंल पंजाबी महासभा दो गुटों में बंट चुकी थी। एक गुट के प्रदेश अध्यक्ष राजीव घई तो दूसरे गुट के प्रदेश अध्यक्ष तिलकराज बेहड़ थे। लेकिन बीते दिनों तिलकराज बेहड़ ने पंजाबी समाज को मज़बूती प्रदान करने के लिये व एकता रखने के लिये उत्तराचंल पंजाबी महासभा के प्रदेश अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद आज गुरुवार को काशीपुर पहुंचे बहरी बेहड़ गुट के प्रदेश पदाधिकारियों ने राजीव घई के आवास पर पहुंचकर वस्तुस्थिति से एवं सभी सदस्यों की राय से श्री राजीव घई की अवगत कराया। बैठक के दौरान राजीव घई ने भी अपने पद से इस्तीफा देने की पेशकश की जो की उनके द्वारा पूर्व में भी बेहड़ जी को उनके निवास पर जा कर दी थी। काशीपुर के सभी प्रदेश पदाधिकारियों ने देहरादून से आये राजीव सच्चर , पी० स ० कोचर से वार्ता करके व उनके विचारों से सहमति रखते हुए निर्णय लिया गया कि सर्वप्रथम प्रदेश की समस्त इकाइयों को पुनः सागठित करके बोर्ड में निर्णय लेते हुए कोर कमेटी की बैठक में प्रदेश पदाधिकारियों के चयन के निर्णय तक राजीव घई अपने पद पर रहते हुए पूरे पंजाबी समाज को एकजुट कर संगठित करने का काम करेंगे। साथ ही समाज को मजबूती देने का काम करेंगे। इस दौरान देहरादून से आए प्रदेश संगठन मंत्री राजीव सच्चर और देहरादून के महानगर अध्यक्ष पीएस कोछड़ का पटका पहनाकर स्वागत किया। दोनों ही गुट के प्रदेश पदाधिकारियों ने कहा कि उत्तरांचल पंजाबी महासभा भले ही दो गुटों में बंटी हुई थी। लेकिन पंजाबी समाज हमेशा से एकजुट था और रहेगा। उन्होंने पंजाबी महासभा को मजबूत करने के लिए एकजुटा का प्रण लिया। इस दौरान उत्तरांचल पंजाबी महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष गुरविंदर सिंह चंडोक, जिलाध्यक्ष प्रवीण सेठी, प्रदेश कोषाध्यक्ष राजीव परनामी, जसपाल सिंह चड्ढा, मीडिया प्रभारी दिलप्रीत सिंह सेठी आदि मौजूद रहे।सभी आज लिये गये निर्णय से बहुत अधिक प्रसन्न थे व पंजाबी समाज की एकजुटता शीघ्र फिर से होने के लिए बहुत अधिक आशावान थे।

