नैनीताल जिले के शासकीय-अर्द्धशासकीय और निजी स्कूलों में छात्र-छात्राओं के पैसों से दिखाया जाएगा जादू

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जिले के शासकीय-अर्द्धशासकीय और निजी स्कूलों में करीब पौने दो लाख छात्र-छात्राओं के पैसों से ‘जादू’ दिखाया जाएगा। खास बात ये है कि बच्चों से वसूले जाने वाली रकम का 20% हिस्सा रेडक्रॉस के खाते में तो शेष 80% हिस्सा जादूगर की जेब में जाएगा।

जिला प्रशासन के आदेश का हवाला देते हुए शिक्षा विभाग की ओर से जारी किया गया ये फरमान चर्चाओं में बना हुआ है।

हालांकि, मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल का कहना है कि वे जादू दिखाने के लिए बच्चों से पैसे लेने के पक्ष में जरा भी नहीं है। स्कूल चाहें तो उनके प्रधानाचार्य खुद पैसों की व्यवस्था कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के एक ब्लॉक स्तर के अफसर की ओर से सभी प्रधानाचार्यों, प्रधानाध्यापकों के नाम जारी पत्र बाहर आने के बाद चर्चाओं का बाजार गर्म है।

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पत्र में नैनीताल जिला प्रशासन और मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल के 11 अप्रैल के आदेश का हवाला देते हुए बताया गया है कि हरियाणा के जादूगर द्वारा सभी स्कूलों में मैजिक शो आयोजित किया जाना है। जिसके माध्यम से बच्चों का मनोरंजन कर उन्हें मानसिक और सामाजिक जागरूकता, पर्यावरण रक्षा, देश की एकता व अखंडता के बारे में बताया जाएगा, साथ ही उन्हें तंबाकू, बीडी-सिगरेट जैसे नशे के सेवन से दूर रहने को भी जागरूक किया जाएगा।

मैजिक शो से प्राप्त आय का 20% हिस्सा स्कूलों द्वारा प्रधानाचार्यों के पास जमा होगा, जिसे रेडक्रॉस को दिया जाएगा। मैजिक शो के लिए नर्सरी से 5वीं कक्षा तक के छात्रों को 10 रुपये व कक्षा 6 से 12वीं तक के छात्रों से 20 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। जादू दिखाने के लिए बच्चों से पैसे लिए जाने के इस फरमान से शिक्षा महकमे को किरकिरी का सामना करना पड़ रहा है।

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शिक्षकों का कहना है कि यदि जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 52 हजार में से आधे बच्चों से भी 10-10 रुपये लिए जाते हैं तो ढाई लाख रुपये जमा हो जाएंगे। जिसमें से 50 हजार रुपये रेडक्रॉस व शेष 2 लाख रुपये जादूगर को मिलेंगे। यदि सरकारी, अशासकीय और प्राइवेट स्कूलों के सभी 1.74 लाख बच्चों से रकम ली जाएगी तो ये आंकड़ा और भी अधिक होगा।

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हरियाणा का जादूगर स्कूलों में मैजिक शो दिखाने की अनुमति लेने आया था। उससे निशुल्क शो दिखाने को कहा है। यदि जादूगर या रेडक्रॉस को धनराशि देनी ही है तो इसकी व्यवस्था स्कूलों के प्रधानाचार्य कर सकते हैं।
केएस रावत, मुख्य शिक्षा अधिकारी नैनीताल

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