पंतनगर किसान मेले में आकर्षण का केंद्र बना 3 लाख रुपए किलो बिकने वाले आम का पौधा, पौधा देखने उमड़ रहे लोग

खबर शेयर करें -

पंतनगर : किसान मेले में शबनम नर्सरी के स्टॉल पर एक अजीबोगरीब प्रजाति के आम का पौधा देखने के लिए किसान और अन्य लोगों की भीड उमड़ रही है। स्टॉल स्वामी आयान मंडल ने बताया कि जापान का एक शहर है मियाजाकी जहां पर इस प्रजाति को विकसित किया गया और जब पौधे में फल आए तो उन्हें 2.5 लाख रुपये प्रति नग के हिसाब से नीलाम किया गया।

वहां इस प्रजाति को ‘एग ऑफ सन’ नाम दिया गया है और लोग इसे बतौर गिफ्ट ऑफ रिस्पेक्ट देते हैं। इसका फल बहुत ही मीठा और रंग सुर्ख लाल होता है। आयान ने बताया कि उनकी नर्सरी में इस प्रजाति के पौधों को तैयार किया जा रहा है। अभी वह सिर्फ 20 पौधे लाए थे जिन्हें दो हजार रुपये प्रति पौधे के हिसाब से बेच रहे हैं।

यह भी पढ़ें 👉  दो सगी बहनों का दोहरा हत्याकांड: पुलिस ने चंद घंटों में सुलझाई गुत्थी, भाई गिरफ्तार

कैसा होता है खास आम का स्वाद?

इस खास आम में मिठास के साथ अनानास और नारियल का हल्का सा स्वाद भी आता है. इसे एक खास तरीके से तैयार करते हैं. इसके तहत आम के पेड़ पर फल आते ही एक-एक फल को जालीदार कपड़े से बांध दिया जाता है. ये इस तरह होता है कि फल पर पूरी तरह से धूप पड़े, जबकि जाली वाले हिस्से बचे रहें. इससे आम की रंगत ही अलग होती है. पकने के बाद फल जाली में ही गिरकर लटकते हैं, तब जाकर उन्हें निकाला और बेचा जाता है.

यह भी पढ़ें 👉  रक्षाबंधन से पहले मिलावटखोरों पर बड़ा प्रहार ! मिल्क पाउडर-रिफाइंड से तैयार हो रहा था ‘नकली मावा’, छापे में ढाई क्विंटल मिलावटी मिठाई बरामद

आम को लेकर जापान में क्या है कल्चर?

जापानी कल्चर में इस आम को खास मान्यता मिली हुई है. वहां लोग इसे तोहफे में देना ज्यादा पसंद करते हैं. क्योंकि ये सूरज की रोशनी में तैयार होता है. माना जाता है कि इससे तोहफा पाने वाले की किस्मत सूरज जैसी ही रोशन हो जाती है. यही कारण है कि जापान में त्योहार या खास मौकों पर ये आम भी दिया जाता है. लेकिन लेने वाले इसे खाते नहीं, बल्कि किसी तरीके से संरक्षित करके सजा देते हैं.

यह भी पढ़ें 👉  रक्षाबंधन पर मिलावटी मिठाइयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई: एसडीएम के नेतृत्व में सुल्तानपुर पट्टी में छापेमारी, कुंतलों नकली मावा व दूषित मिठाइयां नष्ट
Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad