पति को जिंदा नहर में बहाया, 22 माह तक दबाया राज, अब पत्नी बोली- नहीं आया तरस क्योंकि..

खबर शेयर करें -

मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से सनसनी फैलाने वाली खबर है. यहां एक महिला ने प्रमी के साथ मिलकर पति को जिंदा नहर में बहा दिया. इस हत्याकांड के बाद महिला को पछतावा तो है, लेकिन उसका कहना है कि पति के खिलाफ उसके मन में नफरत भर गई थी. इस वजह से जब उसे जिंदा नगर में बहा रही थी तब न मन में अफसोस था न पति पर तरस आ रहा था. महिला और उसके प्रेमी ने पकड़े जाने के बाद अपना जुर्म कबूल कर लिया. इसके बाद पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया. पत्नी ने पति की हत्या 23 नवंबर 2020 को की थी. इसका खुलासा अभी हुआ है.

आरोपी पत्नी राजकुमारी ने पुलिस को बताया कि मृतक विश्वनाथ से उसकी शादी 12 साल पहले हुई थी. दोनों के दो बच्चे हैं. पति रोज मारपीट करता था. कई बार मन करता था कि जान दे दे. उसने पुलिस से कहा – इस मारपीट में मैं कई बार घायल हो जाती थी और भूखी रहती थी. इस नर्क की जिंदगी से उबरना था. इसिलए पति को मारने की प्लानिंग की. कई दिन तक मन किसी काम में नहीं लगा, कई बार मन ने कहा कि पति की हत्या करना ठीक नहीं, लेकिन जो जिंदगी उसने दी थी, वह जी नहीं जा रही थी.

यह भी पढ़ें 👉  मारपीट और धमकियों से टूट गया 17 वर्षीय किशोर, आत्महत्या के बाद खुला राज

बटाईदार से प्यार करने लगी महिला
महिला ने पुलिस को बताया कि उनका बटाईदार अरविंद सखवार उसकी हालत पर तरस खाने लगा. वह उससे अपने मन की बातें शेयर करने लगी. दोनों के बीच बातचीत का यह सिलसिला प्यार में बदल गया. महिला ने बताया कि दोनों का अफेयर 5 साल पुराना है. अरविंद के भी दो बच्चे हैं. एक दिन दोनों ने जिंदगी संवारने पर बात की और विश्वनाथ को रास्ते से हटाने की प्लानिंग कर ली. राजकुमारी ने पति को लड्डू में नींद की गोलियां दीं और सामान खरीदने के बहाने बाजार ले गई.

यह भी पढ़ें 👉  लालकुआं में सनसनी: बेरीपड़ाव के खाली फॉर्म में मिला लापता महिला का शव; फॉरेंसिक टीम और पुलिस हर पहलू से जांच में जुटी

पति को बहा दिया जिंदा
बीच रास्ते जब पति बेहोश हुआ तो दोनों आरोपियों ने उसके कपड़े उतारे और जिंदा नहर में बहा दिया. पुलिस को उसकी लाश 23 नवंबर 2020 को मिली. लेकिन, लाश की पहचान न हो सकी और केस रफा-दफा हो गया. मामले का खुलासा तब हुआ जब इस साल 7 जून को मृतक की मां ने पुलिस में शिकायत की कि उसका बेटा दो साल से घर नहीं आया. क्योंकि, मां को बताया गया था कि वह मजदूरी करने गुजरात गया है. मृतक की बहन ने पुलिस को बताया कि जिस शख्स से वह भाई समझकर बात करती है, वह उसकी आवाज नहीं, किसी और की आवाज है. इसके बाद पुलिस ने साइबर सेल की मदद ली और पूरे मामले का खुलासा हो गया.

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में क्रूरता की हदें पार: विवाहिता को 10 महीने तक कमरे और शौचालय में रखा बंधक, सिर के बाल तक उखाड़े; पति समेत सास-ससुर पर मुकदमा दर्ज