पति को नींद की गोलिया खिला कसाइयों से हाथ-पैर कटवाए

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चालक पति की हत्‍या की आरोपित पत्‍नी ने दिल दहला देने वाला खुलासा किया है। इंदौर के गणेशधाम में रहने वाली 32 वर्षीय सुनीता उर्फ सोनू को बाणगंगा थाना पुलिस शुक्रवार सुबह कुमेड़ी कंकड़ स्थित उसके घर ले गई और एफएसएल व तहसीलदार की मौजूदगी में उसके पति कृष्णेंद्र उर्फ बबलू जादौन का शव बरामद किया। सुनीता ने उसे छह फुट गहरे गड्ढे में दबा दिया था। शव को पिघलाने के लिए गड्ढे में नमक भी डाला गया था। पुलिस ने धड़ को हटाने के लिए जेसीबी से खुदाई की। इस दौरान पहुंचे देवर प्रवेंद्र ने बताया कि कृष्णेंद्र ने सुनीता से शादी की थी। उसके लिए वह गणेशधाम में रहने आ गया था। पुलिस अभी तक कृष्णेंद्र के हाथ-पैर का पता नहीं लगा पायी है।

सुनीता और 19 साल का बेटा प्रशांत देवगुराड़िया हाथ-पैर फेंकने की बात कह रहे हैं। आरोपी रिजवान कुरैशी औरइरशाद कुरैशी उर्फ भय्यू (दोनों गुलजार कॉलोनी) की तलाश की जा रही है। दोनों की लास्ट लोकेशन देवास में मिली है। एडीसीपी जोन-3 राजेश रघुवंशी के मुताबिक चार महीने पहले रिजवान और सुनीता संपर्क में आए थे। सुनीता के मोबाइल पर रिजवान का मिस्ड कॉल चला गया था। इसके बाद उन्होंने रिजवान को फोन किया। फिर दोनों के बीच बातचीत शुरू हो गई और रिजवान उसके पास आने लगा। वह मूल रूप से सारंगपुर (जिला राजगढ़) का रहने वाला है और मानिकबाग में एक मटन की दुकान में काम करता है। उसने दोस्त भय्यू को भी सुनीता के बारे में बताया और उसे लेकर आने लगा।

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देवास निवासी भय्यू मटन की दुकान पर भी काम करता है। सुनीता 2019 में विक्रम और 2021 में इंदर सिंह के साथ घर छोड़कर जा चुकी थी। इसके बाद से उसका पति उन पर शक करता था। वह दस साल से अलग रह रहा था। चार माह पहले ही पत्नी के पास आया था। 5 फरवरी को सुनीता ने दाल-बाटी बनाई और दाल में नींद की पांच गोलियां मिलाकर पति को खिलायी। सोते ही रिजवान और भय्यू ने उसे मार डाला। हाथ-पैर काटकर बोरों में भर दिये।

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सुनीता ने 6 फरवरी को पड़ोसियों को बताया कि वह कुमेड़ी कंकड़ जा रही हैं। उसने बबलू के धड़ को प्लास्टिक के ड्रम में भर दिया और बर्तन ऊपर रख दिए। सेप्टिक टैंक की मरम्मत के बहाने छह फीट गहरा गड्ढा खोदा जाने के बहाने मजदूरों को बुलाया गया। सुनीता ने धड़ को बोरे में डाल कर गड्ढे में डाल दिया और नमक के साथ दफन कर दिया। पति के दोस्तों विनोद और कन्हैया ने बताया कि सुनीता ने कृष्णेंद्र का एक करोड़ का बीमा कराया था। डीसीपी जोन 2 धर्मेंद्र सिंह भदौरिया के मुताबिक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच कर रही है।

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सुनीता 14 फरवरी को थाने पहुंची और टीआई राजेंद्र सोनी को बताया कि उसका पति सात दिनों से लापता है। सुनीता ने घर का सारा सामान समेटा और शाजापुर जाने की तैयारी की। प्रशांत ने 22 फरवरी को अपने दोस्तों से कहा कि उसके पिता उसकी मां को बहुत परेशान करते थे, इसलिए उन्‍हें रास्ते से हटा दिया। अब वह छोटे भाई ध्रुव के साथ शाजापुर जा रहे हैं। मुखबिर ने यह बात जवानों को बतायी और पुलिस ने मां-बेटे को पकड़ लिया।