बहू गायब तो ससुरालवालों को जेल, मिली प्रेमी के पास:घर से भागी थी, ऐसे झूठे मुकदमों पर सख्त रहा है सुप्रीम कोर्ट

खबर शेयर करें -

बिहार के बेगूसराय में एक अनोखा मामला सामने आया है। जिस महिला को गायब करने के जुर्म में उसके ससुराल वाले जेल की सजा काट रहे थे; वह अपने प्रेमी के साथ रहती पाई गई है। पुलिस ने महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है।

दरअसल, शादीशुदा महिला एक दिन अचानक अपने ससुराल से गायब हो गई थी। जिसके बाद उसके मायके वालों ने सास,पति और जेठ पर अपहरण करने का आरोप लगाया। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया था।

यह भी पढ़ें 👉  ऑनलाइन सट्टेबाजी पर एसटीएफ का बड़ा एक्शन: 86 अवैध वेबसाइटें ब्लॉक; "उत्तराखंड गैंबलिंग लॉ 2026" के तहत 5 साल तक की जेल और ₹10 लाख का जुर्माना

शादी के 5 साल बाद घर से भागी थी महिला

बताया जा रहा है कि महिला की शादी साल 2015 में बेगूसराय के युवक से हुई थी। लेकिन उसका किसी और के साथ अफेयर चल रहा था। जिसके बाद वह 2020 में उसके साथ चली गई। लखीसराय से बरामद हुई महिला और उसके प्रेमी का एक बच्चा भी है।

मायके वालों ने लगाया था दहेज के लिए गायब करने का आरोप

महिला के गायब होने के बाद उसके मायके वालों ने दहेज के लिए बेटी को गायब करने का आरोप लगाया। जिसके बाद पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और अपहरण का केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया है कि महिला के मिलने के बाद अब आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें 👉  हरिद्वार में कानून हाथ में लेने की खौफनाक वारदात: चोरी के आरोप में युवक को रस्सियों से बांधकर लाठियों से पीटा; तालिबानी सजा का वीडियो वायरल, जांच में जुटी पुलिस

दहेज उत्पीड़न के झूठे मामलों पर सख्त रहा है सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट में पहले भी कई बार दहेज उत्पीड़न के झूठे मामले सामने आए हैं। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अख्तियार किया था। ऐसे ही एक मामले में कोर्ट ने कहा था कि 498ए (दहेज प्रताड़ना) मामले में पति और उसके रिश्तेदारों के खिलाफ स्पष्ट आरोप के बिना केस चलाना कानूनी प्रक्रिया का दुरुपयोग है।

यह भी पढ़ें 👉  देहरादून में तड़के पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़: बैरियर तोड़कर भाग रहे राजस्थान के 2 शातिर अपराधी गिरफ्तार; एक के पैर में लगी गोली, 3 फरार

मुंबई हाई कोर्ट ने पत्नी पर लगाया था जुर्माना

साल 2018 में दहेज उत्पीड़न का झूठा आरोप लगाने पर मुंबई हाई कोर्ट ने एक महिला पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया था। साथ ही कोर्ट ने पीड़ित पति की तलाक याचिका को मंजूरी दे दी थी।