हरिद्वार : अजब घटना, पत्नी ने बताया बेटे का शव, पति ने किया इन्कार, एंबुलेंस चालक घूमता रहा शव लेकर

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हरिद्वार जिला अस्पताल में एक युवक की मौत के बाद उसका शव लेकर अमरोहा उत्तर प्रदेश गया एंबुलेंस चालक अजीब मुसीबत में घिर गया।

खुद को युवक की मां बताने वाली महिला अमरोहा पहुंचकर गायब हो गई और महिला के पति ने शव लेने से इन्कार कर दिया। उनका कहना था कि शव उनके बेटे का नहीं है।

पांच घंटे एंबुलेंस में रखा रहा शव

एंबुलेंस चालक शव वापस लेकर हरिद्वार पहुंचा तो अस्पताल ने भी हाथ खड़े कर दिए। करीब पांच घंटे तक शव एंबुलेंस में ही रखा रहा। बाद में पुलिस के हस्तक्षेप करने पर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया। पुलिस अब शव की शिनाख्त में जुट गई है।

अमरोहा में दर्ज है महिला की गुमशुदगी

युवक को बेटा बताकर उसका शव अमरोहा ले जाने वाली महिला विक्षिप्त बताई गई है। वह दो सप्ताह पहले लापता हो गई थी। परिवार वालों ने उसकी गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी। पति तासीर हैदर ने जब पत्नी को अनजान युवक के शव के साथ देखा तो पैरों तले जमीन खिसक गई।

खुर्शीदा के तीन बेटी, दो बेटे, सभी हैं जिंदा

उन्होंने बताया कि खुर्शीदा बानो बीमारी के चलते अक्सर घर से चली जाती थी और खुद ही वापस लौट आती थी। परिवार में तीन बेटी और दो बेटे हैं। तीनों बेटियों की शादियां हो चुकी है और दोनों बेटे अविवाहित हैं। 15 दिन पहले जब वह लापता हुईं तो गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।

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मां कलियर कैसे पहुंचीं, पता नहीं

खुर्शीदा के बेटे मोहम्मद शाहजाद ने बताया कि उनकी मां पिरान कलियर कैसे पहुंची यह जानकारी नहीं है। युवक की मौत होने के बाद वह उसे अपना बेटा समझ बैठी और शव को घर ले आई। अमरोहा के प्रभारी निरीक्षक संत कुमार ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि खुर्शीदा की गुमशुदगी दर्ज है। जांच-पड़ताल के बाद ही शव को वापस भेजा गया है।

जानें पूरी कहानी

पिरान कलियर के सालाना उर्स में आई खुर्शीदा बानो निवासी नौगांव, थावर का बाजार अमरोहा उत्तर प्रदेश गुरुवार रात 108 एंबुलेंस से एक युवक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल हरिद्वार लेकर पहुंची। महिला ने उसे अपना बेटा बताते हुए अस्पताल में भर्ती कराया था। शुक्रवार शाम पांच बजे युवक की मौत हो गई।

इसके बाद महिला ने प्राइवेट एंबुलेंस बुक की और शव लेकर अमरोहा चली गई। लेकिन, महिला जब घर पहुंची तो उसके पति ने शव बेटे का होने से ही इन्कार कर दिया। कुछ देर बाद महिला गायब हो गई और लोग शव वापस ले जाने का दबाव डालने लगे। स्थानीय पुलिस ने भी एंबुलेंस चालक गुलाम नबी पर दबाव बनाकर शव वापस भिजवा दिया।

मजबूरी में वह शव लेकर शनिवार सुबह वापस जिला चिकित्सालय पहुंचा। लेकिन, अस्पताल चिकित्सकों ने शव को मोर्चरी में रखने से मना कर दिया। कई घंटे तक शव एंबुलेंस में रखा रहा और चालक परेशान घूमता रहा। बाद में पुलिस अधिकारियों के संज्ञान लेने पर शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया।

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इस बीच पुलिस ने शव की शिनाख्त का प्रयास किया और महिला के परिवार से भी संपर्क साधा। महिला के स्वजन का कहना था कि उसकी मानसिक हालत ठीक नहीं है और वह महीनेभर से लापता चल रही थी। अचानक किसी युवक का शव लेकर वह घर पहुंच गई, जबकि युवक से उनका कोई वास्ता नहीं है।

वहीं, शहर कोतवाल राकेंद्र कठैत ने बताया कि शव को सुरक्षित रखवाते हुए शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। 72 घंटे के भीतर शिनाख्त नहीं होती है तो पोस्टर्माटम कराते हुए सामाजिक संस्था के सहयोग से लावारिस में युवक का शव मुस्लिम रीति से सुपुर्दे खाक कराया जाएगा। इससे पहले उसका डीएनए सैंपल सुरक्षित रखा जाएगा।

मुश्किल में घिरा एंबुलेंस चालक

युवक का शव ले जाकर एंबुलेंस चालक गुलाम नबी ने मुसीबत मोल ले ली। अमरोहा में शव लेने से इन्कार करने पर उसने पुलिस भी बुलाई। लेकिन, पुलिस ने भी उसे डांट फटकार कर शव लेकर हरिद्वार वापस भेज दिया। चालक ने बताया कि छह हजार में शव अमरोहा ले जाने की बात तय हुई थी।

महिला के स्वजन ने बमुश्किल उसे तीन हजार रुपये दिए। उसे किराया भी पूरा नहीं मिला और लगभग 150 किमी दोबारा शव लेकर हरिद्वार आया तो अस्पताल के चिकित्सा स्टाफ ने उसे खरी-खोटी सुनाई। शव को मोर्चरी में रखने से मना करने पर वह कई घंटे तक अस्पताल से कोतवाली के बीच चक्कर काटता रहा कि शव लेकर जाए तो जाए कहां।

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अब पुलिस उससे दोबारा पूछताछ की बात कह रही है। यह भी संभव है कि हरिद्वार पुलिस की एक टीम महिला से पूछताछ के लिए चालक को अपने साथ अमरोहा लेकर जाए।

क्या कहते हैं अधिकारी

मामले में जिला चिकित्सालय हरिद्वार के द्वितीय प्रभारी डा. चंदन मिश्रा का कहना है कि खुर्शीदा नामक महिला बेटा बताकर भर्ती कराए गए युवक का शव लेकर शाम सात बजे यहां से चली गई थी। जब किसी मृतक के साथ स्वजन होते हैं तो शव उन्हें सौंप दिया जाता है। अब उनके घर वाले शव नहीं ले रहे हैं तो यह उनकी जिम्मेदारी है।

ऐसी स्थिति में शव को वापस लेना हमारे लिए संभव नहीं है। पुलिस ही इसका हल निकाल सकती है। वहीं, एसपी सिटी स्वतंत्र कुमार सिंह का कहना है कि इस मामले की जांच की जा रही है। अमरोहा से भी जानकारी जुटाई जा रही है। जब तक स्थिति स्पष्ट ना हो जाए तब तक के लिए शव को जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया गया है। कलियर थाने में युवक का फोटो भेजा गया है, उम्मीद है कि शिनाख्त हो जाएगी।

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