13 दिन और चलेगी गौला नदी, अब बचा चार लाख घनमीटर उपखनिज चुगान का लक्ष्य

लालकुआं: गौला नदी में उपखनिज निकासी का लक्ष्य पूरा होने को है। बताया जा रहा है कि गौला नदी से अब 13 दिन और उप खनिज निकासी की जा सकती है। क्योंकि अब मात्र नदी से चार लाख घनमीटर चुगान का लक्ष्य ही बांकी बचा है। जबकि एक दिन में 30 हजार घटनमीटर चुगान हो रहा है। जिस हिसाब से अब 13 दिन ही नदी से चुगान हो सकेगा।
  सोने की खान के नाम से जाने जाने वाली गौला नदी में हर वर्ष केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून की टीम द्वारा सर्वे कर बार भी टीम द्वारा गौला नदी का सर्वे कर 32 लाख 97 हजार घनमीटर चुगान का लक्ष्य दिया था। होली के त्योहार से पहले तक गौला नदी से तकरीबन 29 लाख घनमीटर उपखनिज चुगान हो चुका है। जिसके बाद अब मात्र चार लाख घनमीटर उपखनिज ही बचा है। ऐसे में जब गौला नदी के 11 निकासी गेटों से साढ़े सात हजार वाहनों द्वारा प्रतिदिन तीस हजार घनमीटर चुगान किया जा रहा है। ऐसे में बांकी बचा चार लाख घनमीटर उपखनिज 13 दिन में समाप्त हो जाएगा। और गौला नदी बंद हो जाएगी। इधर गौला नदी से जुड़े खनन कारोबारियों में निराशा के भाव है। गत दिवस दर्जनों खनन कारोबारियों ने लालकुआं विधायक नवीन दुम्का से मिलकर गौला नदी का दुबारा सर्वे कर उपखनिज निकासी को सुचारू रखने की मांग की है।

वर्ष 2020 में दो बार हुआ था सर्वे
लालकुआं: केंद्रीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून द्वारा गौला नदी में पिछले वर्ष 18 लाख घनमीटर चुगान का लक्ष्य दिया गया था। लेकिन यह लक्ष्य फरवरी माह में ही पूरा हो गया। जिसके बाद सरकार ने दुबारा से सर्वे कराया। और 12 लाख 20 हजार घनमीटर चुगान की और अनुमति दी थी। लेकिन पिछले वर्ष मानसून सत्र आने यह लक्ष्य पूरा नही हो सका था।

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