प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे सघन सत्यापन अभियान से खुलने लगी अवैध मकानों की पोल ,बगैर नक्शा पास करवाएं मिले 173 मकान

The intensive verification campaign being run by the administration has exposed illegal houses, 173 houses found without getting the map passed

खबर शेयर करें -

राजू अनेजा,, नैनीताल। नैनीताल के घटना के बाद बिना सत्यापन कराए यहां रहने वाले लोगों का पता लगाने के लिए जांच शुरू हुई तो और भी कई मामले खुल गए। हल्द्वानी, नैनीताल और भवाली क्षेत्र में सौ गज से कम जमीन के बैनामों की दो दिन हुई पड़ताल में 173 ऐसे मकान पाए गए, जिन्हें बिना नक्शा पास कराए बना लिया गया। इनमें से कई के तो जमीन के कागज भी नहीं हैं।

पहले दिन जांच में 86 प्लॉट पर निर्माण में अनियमितता मिली। रविवार को हल्द्वानी के गौलापार में 16 लोगों के पास बैनामा के कागज नहीं मिले। गौजाजाली में भी 13 भवन स्वामियों पर जमीन के कागज नहीं मिले ओर 11 मकान नियमों के खिलाफ बनाए जाना पाया गया। नैनीताल बूचड़खाने में 29 तथा भवाली में 18 मकान बिना नक्शा के मिले। इन सभी के खिलाफ उत्तराखंड नगर एवं ग्राम नियोजन व विकास अधिनियम तथा उत्तराखंड भवन उप विधि के तहत कार्रवाई तय है।

यह भी पढ़ें 👉  कालाढूंगी फैक्ट्री हादसा: जांच करने पहुंची राजस्व टीम, बंद मिली फैक्ट्री; एक महिला मजदूर की मौत, तीन गंभीर

सिटी मजिस्ट्रेट एपी बाजपेयी के नेतृत्व में टीम ने हल्द्वानी क्षेत्रान्तर्गत ग्राम देवला तल्ला पंजाया, गौलापार में 100 वर्ग गज से कम क्षेत्रफल के 16 प्लॉटों की रजिस्ट्री की जांच की। 10 प्लॉटों के रजिस्ट्री बैनामा की प्रति संबंधित व्यक्तियों के द्वारा उपलब्ध नहीं कराई गई। छह लोगों ने बताया कि उन्होंने स्टांप में भूमि क्रय की थी, जिसे मौके पर दिखाया नहीं गया। साथ ही किसी प्रकार का भवन मानचित्र स्वीकृति की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई।

दूसरी टीम ने ग्राम गौजाजाली उत्तर बरेली रोड हल्द्वानी में 100 वर्ग गज से कम क्षेत्रफल के 20 प्लाटों का सत्यापन किया। वहां 11 व्यक्तियों द्वारा मानचित्र की स्वीकृति प्राप्त नहीं की गई थी, तथा अन्य नौ व्यक्तियों द्वारा मानचित्र स्वीकृति का उल्लंघन कर मार्गाधिकार एवं सैट बैक में निर्माण का कार्य किया गया।

तीसरी टीम ने पूछड़ी रामनगर में 20 प्लॉटों का सत्यापन किया। सात व्यक्तियों ने प्लॉटों की रजिस्ट्री व बैनामा दिखाया, मगर 13 रजिस्ट्री व बैनामा नहीं दिखा सके। ये सभी मानचित्र भी नहीं दिखा पाए। चौथी टीम में सचिव जिला विकास प्राधिकरण विजय नाथ शुक्ल के नेतृत्व में नैनीताल, भवाली में चलाए गए अभियान में नैनीताल बूचड़ खाने में 29 तथा भवाली में 18 सत्यापन कराए गए। सभी के द्वारा किसी भी प्रकार का भवन नक्शा उपलब्ध नहीं कराया गया।

यह भी पढ़ें 👉  पिथौरागढ़ एसएसबी कैंप की बैरक में बुखारी फटने से भीषण आग: 60 जवानों ने भागकर बचाई जान; ITBP और ग्रामीणों ने पाया काबू

संबंधित के खिलाफ आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। सत्यापन हेतु गठित की गई टीम में राजस्व एवं अन्य विभागों के अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। हल्द्वानी, नैनीताल और भवाली में बैनामे वाले प्लॉट पर बिना नक्शे के निर्माण मिला है। -विजय नाथ शुक्ल, सचिव, विकास प्राधिकरण

यह भी पढ़ें 👉  गौला नदी के कटाव से आक्रोशित ग्रामीणों ने SDM को सौंपा ज्ञापन: उपजिलाधिकारी कार्यालय में किया प्रदर्शन, स्थायी तटबंध और मुआवजे की मांग

…इसलिए भी की पूरे जिले में जांच
दरअसल, नैनीताल की घटना के आरोपी उस्मान का मकान गिराने के लिए नगर पालिका ने साथ में कई और मकानों पर भी नोटिस लगा दिए थे। मामला कोर्ट में पहुंचा तो फटकार लगी। इसके बाद प्रशासन सचेत हो गया है। अब कोशिश यह है कि सिर्फ नैनीताल ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में नियमों की धज्जियां उड़ाकर या अवैध रूप से मकान बनाने वालों को भी नहीं बख्शा जाए। एक साथ बड़ी कार्रवाई से यह संदेश नहीं जाएगा कि उस्मान को निशाना बनाकर कार्रवाई की गई।

Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad Ad