पिथौरागढ़ में 28 सड़कें अब भी बंद, थल-पिथौरागढ़ मार्ग 6 दिन से ठप

खबर शेयर करें -

पिथौरागढ़: उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में भूस्खलन के कारण अभी भी 28 सड़कें बंद हैं, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित है। सबसे ज्यादा परेशानी थल-पिथौरागढ़ मार्ग को लेकर है, जो पिछले 6 दिनों से बंद है। 15 सितंबर को नागीमल में भूस्खलन के कारण यह मार्ग अवरुद्ध हो गया था, जिसे खोलने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पोकलैंड मशीन लगाई थी, लेकिन अभी तक यातायात बहाल नहीं हो सका है, जिससे लोगों में भारी आक्रोश है।

यह भी पढ़ें 👉  काशीपुर में दर्दनाक हादसा: कृष्णा अस्पताल के पास ट्रेन की चपेट में आने से अज्ञात युवक की मौत; शिनाख्त की कोशिश में जुटी पुलिस

 

ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, लोनिवि की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल

 

सड़क बंद होने से ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी हो रही है। जरूरी सामान लाने के लिए उन्हें 5 किलोमीटर की अतिरिक्त चढ़ाई चढ़नी पड़ रही है। इसके अलावा, जिला मुख्यालय जाने के लिए लोगों को वाया डीडीहाट 20 किलोमीटर का अतिरिक्त फेरा लगाना पड़ रहा है। शनिवार को लोगों ने थल स्टेशन पर इकट्ठा होकर लोनिवि और ठेकेदार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विभाग को दो दिन के भीतर सड़क न खोलने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है।

यह भी पढ़ें 👉  बलूनी के बाद त्रिवेंद्र की एंट्री से गदरपुर की सियासत में भूचाल, अरविंद पांडे के घर बढ़ता दिग्गजों का काफिला” , क्या भाजपा में सब कुछ ठीक है?

 

‘रविवार शाम तक खुल जाएगा थल मार्ग’

 

लोनिवि के अवर अभियंता मुकेश सिंह ने आश्वासन दिया है कि सड़कों को खोलने का काम जारी है और थल-पिथौरागढ़ मार्ग को रविवार शाम तक छोटे वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा।


 

मुनस्यारी-मिलम बॉर्डर रोड भी बंद

 

जिले में बंद चल रही 28 सड़कों में से एक बॉर्डर रोड भी शामिल है। मुनस्यारी-मिलम बॉर्डर रोड अभी भी नहीं खुल पाई है। शनिवार देर शाम जिले के कई क्षेत्रों में फिर से बारिश हुई है, जिससे भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।

यह भी पढ़ें 👉  बकरीद को लेकर काशीपुर नगर निगम एक्शन मोड पर: खुले में कुर्बानी और अवशेष फेंकने पर सीधी कार्रवाई तय