घर के आंगन में खेल रही 4 साल की मासूम को उठा ले गया गुलदार, मौत; भड़के ग्रामीणों व महिलाओं ने किया विधायक का घेराव
पौड़ी। देवप्रयाग-पौड़ी मोटर मार्ग पर खांड्यूसैंण के समीप स्थित वजली गांव में गुलदार (लेपर्ड) के हमले में चार साल की मासूम बच्ची आरुषि की दर्दनाक मौत हो गई। घटना उस वक्त हुई जब बच्ची देर शाम अपने घर के आंगन में खेल रही थी। घर के आंगन से बच्ची को उठा ले जाने की इस रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना से क्षेत्र में दहशत फैल गई है। हादसे से भड़के ग्रामीणों ने क्षेत्रीय विधायक का तीखा विरोध करते हुए घेराव किया, जबकि उग्र महिलाओं ने वन विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
भाई की आंखों के सामने झपटा गुलदार, 100 मीटर दूर झाड़ियों में मिला शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वजली गांव निवासी 4 वर्षीय आरुषि अपने घर के आंगन में खेल रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने उस पर अचानक हमला कर दिया और उसे घसीटते हुए झाड़ियों की ओर ले गया। बच्ची के 7 वर्षीय भाई आर्यन ने अपनी आंखों के सामने गुलदार को बहन पर झपटते देखा।
आर्यन के शोर मचाने पर परिजन और ग्रामीण तुरंत हरकत में आए और तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान घर से महज 100 मीटर दूर झाड़ियों में आरुषि का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। जिस घर में कुछ समय पहले तक बच्ची की किलकारियां गूंज रही थीं, वहां अब केवल मातम और परिजनों की चीख-पुकार सुनाई दे रही है।
महिलाओं का फूटा गुस्सा, विधायक की गाड़ी का किया घेराव
मासूम की मौत की सूचना मिलते ही स्थानीय पौड़ी विधायक राजकुमार पोरी पीड़ित परिवार को सांत्वना देने गांव पहुंचे। हालांकि, लंबे समय से गुलदार के आतंक से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और महिलाओं ने विधायक का घेराव करते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कुछ महिलाएं आक्रोश में विधायक के वाहन के आगे आकर प्रदर्शन करने लगीं।
ग्रामवासी परमेश्वरी रावत और सुषमा सजवाण ने बताया कि गांव में आए दिन दो-दो गुलदार एक साथ घूमते नजर आते हैं। घटना वाले दिन भी क्षेत्र में दो गुलदार देखे गए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरुषि पर हमले के दौरान ही गुलदार ने गांव की एक अन्य बालिका पर भी झपटने की कोशिश की थी, लेकिन उसने समय रहते घर के अंदर भागकर अपनी जान बचाई।
ग्रामीणों की मांग— गुलदार को तत्काल पकड़ा या शूट किया जाए
ग्रामीणों का कहना है कि अब बच्चे अपने घरों के आंगन में भी सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने वन विभाग के उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने और नरभक्षी हो चुके गुलदार को तुरंत पकड़ने या नियमानुसार शूट करने के आदेश जारी करने की मांग उठाई है।
मामले की जानकारी देते हुए वन विभाग की एसडीओ (SDO) पौड़ी आयशा बिष्ट ने बताया:
“घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर भेज दी गई है। क्षेत्र में सघन गश्त शुरू कर दी गई है और गुलदार की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता और सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

