हाईकोर्ट के आदेश के बाद नगीना कॉलोनी में गर्जी जेसीबी मशीन, अतिक्रमण हटाने का विरोध कर रहे लगभग दर्जन भर लोगों को पुलिस ने किया गिरफ्तार

After the High Court's order, the JCB machine roared in Nagina Colony, police arrested about a dozen people protesting against the removal of encroachment

खबर शेयर करें -
राजू अनेजा,लालकुआं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद हरकत में आए जिला प्रशासन एवं रेलवे प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाते हुए रेलवे किनारे बसी नगीना कॉलोनी में बने करीब 300 कच्चे व पक्के मकानों को जेसीबी की मदद से धराशाई कर दिया। इस दौरान अतिक्रमण हटाने वाली टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा परंतु भारी पुलिस बल के आगे विरोध प्रदर्शन कर रहे लोगों की एक ना चली,इस दौरान विरोध कर रहे करीब एक दर्जन से अधिक लोगों को पुलिस प्रशासन की टीम ने हिरासत में लिया ।
बताते चलें कि हाईकोर्ट से नगीना कॉलोनी में अवैध रूप से बसे अतिक्रमण को हटाने के आदेश के बाद बुधवार देर शाम रेलवे ने पुलिस के साथ मिलकर नगीना कॉलोनी वासियों को अतिक्रमण हटाने को लेकर लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित किया गया था तथा गुरुवार को प्रातः 9:00 बजे भारी पुलिस बल के साथ नगीना कॉलोनी पहुंचे उप जिलाधिकारी हल्द्वानी मनीष कुमार  और एसपी सिटी सरदार हरबंस सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन और रेलवे की टीम ने संयुक्त रूप से ब्रीफिंग की कारवाई के पश्चात  प्रातः 10:30 बजे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरु की।अतिक्रमण हटाने का काम चार जेसीबी मशीनों द्वारा किया गया।  इस दौरान नगीना कॉलोनी के लोगों एवं आम आदमी पार्टी, परिवर्तन कामी छात्र संगठन, महिला ऐकता केंद्र सहित कई संगठनों के प्रतिनिधियों ने शुरुआत में भारी विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों के साथ हुई भारी नोकझोंक के उपरांत पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर हल्का बल प्रयोग के बाद दर्जनों प्रदर्शनकारियो को मौके से गिरफ्तार कर लिया और जेसीबी की मदद से वहां पर बसे करीब 300 कच्चे व पक्के  मकानों को ध्वस्त कर दिया।मौके पर रेलवे और जिला प्रशासन की भारी फोर्स तैनात रही।
दरसअल, बुधवार को उत्तराखंड हाईकोर्ट ने नैनीताल जिले के लालकुआं क्षेत्रान्तर्गत नगीना कॉलोनी में रेलवे की भूमि पर करीब चार हजार लोगों के द्वारा अवैध कब्जा किए जाने के मामले पर सुनवाई की। सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश विपिन सांघी और न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की खंडपीठ ने कब्जाधारियों की याचिका को निरस्त करते हुए अवैध कब्जा हटाने के आदेश रेलवे को दिये हैं। कोर्ट के आदेश के बाद अतिक्रमण हटाने का रास्ता साफ हो गया ।
नगीना कॉलोनी लालकुआं निवासी आंचल कुमार व चार अन्य ने उच्च न्यायलय में याचिका दायर कर कहा है कि रेलवे ने 3 मई को नोटिस देकर अवैध कब्जा हटाने का आदेश दिया है। जिसकी अंतिम तिथि 18 मई है। इसलिए इस पर रोक लगाई जाये। सुनवाई के दौरान रेलवे के अधिवक्ता राजीव शर्मा ने कोर्ट को अवगत कराया कि 2018 में इस भूमि का राज्य सरकार व रेलवे ने एक साथ जांच शुरू की थी। उस वक्त 84 अतिक्रमण पाए गए। इसके बाद रेलवे ने कई बार जांच की।वर्तमान में यहां पर करीब 4 हजार लोगों ने टिन शेड डालकर रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण किया हुआ है। इनको हटाने के लिए रेलवे ने इन्हें दस दिन का समय दिया है। लालकुआं रेलवे स्टेशन का अमृत भारत स्कीम के तहत आधुनिकीकरण व विस्तारीकरण होना है। इसलिए यहां से अतिक्रमण को हटाना आवश्यक है।
अपने मोबाइल पर ताज़ा अपडेट पाने के लिए -

👉 हमारे व्हाट्सएप ग्रुप को ज्वाइन करें

👉 हमारे फेसबुक पेज़ को लाइक करें

👉 हमारे टेलीग्राम चैनल से जुड़ें

यह भी पढ़ें 👉  हिंदी पत्रकारिता के 200 साल पूरे होने पर लालकुआं में भव्य गोष्ठी: "पत्रकारों के डर से देश छोड़ भागे थे अंग्रेज, पत्रकारिता ही देश की असली चौकीदार"—SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी