मासूम से दरिंदगी के बाद रोटी में लपेटकर खा गए थे कलेजा, घटना सुनकर कांप उठी थी लोगों की रूह, 4 को उम्रकैद

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अपने सुख के लिए कोई इंसान किस हद तक गिर सकता है इसका अंदाजा नहीं। ऐसा ही एक मामला कानुपर देहात से सामने आया था, जिसे सुनकर हर किसी की रूह कांप उठी थी। मामला था मासूम बच्ची के साथ दुष्‍कर्म करने के बाद उसकी हत्‍या कर कलेजा खा जाने का।

तीन साल पुराने इस मामले में शनिवार को कोर्ट ने घटना को अंजाम देने वाले सभी चार आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। इसके अलावा तीन पर 25-25 हजार व महिला अभियुक्‍त पर 20 हजार रुपए अर्थदंड का जुर्माना लगाया है। यह भी बताया गया कि जुर्मान न चुकाने पर छह-छह माह की अतिरिक्‍त कारावास होगी।

आइए जानते हैं पूरी घटना के बारे में

दरअसल, यह पूरा मामला कानपुर देहात के घाटमपुर थाने की भदरस गांव की है। गांव की रहने वाली एक 7 साल की मासूम बच्ची को 14 नवंर 2020 को अगवाा कर लिया गया था। उसी दिन दिवाली थी, ऐसे में दिवाली मनाने के साथ ही परिवार वाले बेटी की खोजबी करते रहे। रात तक बेटी के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली।

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अगले दिन सुबह में फिर परिवार के लोग बेटी को खोजने निकले। बाद में गांव में ही स्‍थित काली मंदिर के समीप क्षत विक्षत हाल में मासूम की लाश मिली। बच्‍ची की लाश पर कपड़े नहीं थे और किसी धारदार हथियार से काटकर उसका कलेजा बाहर निकाल लिया गया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और डॉग स्‍क्‍वायड के साथ ही फॉरेसिक टीम को भी बुलाया गया।

वारदात स्‍थल से डॉग को जब छोड़ा गया तो वह वहां से होते हुए सीधे पड़ोस के रहने वाले परशुराम के घर पहुंची। परशुराम के घर का दरवाजा बंद था और पति पत्नी फरार थे। उसके बाद पुलिस ने मुखबीर की सूचना पर परशुराम के भतीजे अंकुल और उसके दोस्‍त वीरेन को गिरफ्तार किया।

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शराब पीने के बाद दिए थे घटना को अंजाम

पुलिस की पूछताछ में पहले तो दोनों पुलिस को गुमराह करते रहे लेकिन बाद में दोनों टूट गए। उसके बाद अंकुल ने बताया कि उसके चाचा को बेटा नहीं था। वह बेटा चाहते थे। उसने कहा कि उसके चाचा ने उसे बताया कि एक किताब में उन्‍होंने पढ़ा था कि दिवाली की रात में यदि पति पत्नी किसी लड़की का कलेजा खाएंगे तो उन्‍हें बेटा पैदा होगा।

इसके लिए परशुराम ने किसी लड़की का कलेजा लाने के लिए अंकुल से कहा और उसे कुछ पैसे भी दिए। चाचा की बात मानकर अंकुल अपने दोस्‍त वीरेन के साथ पहले शराब पी उसके के बाद गांव की ही रहने वाली सात साल की मासूम बच्ची को अगवा कर लिया। उसके बाद जंगल में ले जाकर दोनों ने उसके साथ बारी-बारी से रेप किया फिर गला दबाकर हत्‍या कर दी।

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हत्‍या करने के बाद उसका कलेजा निकालकर दोनों परशुराम के पास लेकर पहुंचे। परशुराम और उसकी पत्नी ने बेटे की चाहत में मासूम बच्ची का कलेजा रोटी में लपेटकर खाया उसके बाद जो हिस्‍सा बच गया उसे कुत्‍तों को खिला दिए और फरार हो गए। घटना के बाद सीएम योगी ने भी इसपर कड़ा रूख अपनाते हुए दोषियों को तत्‍काल गिरफ्तार करते हुए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। इसके अलावा पीडि़त परिवार को सरकार द्वारा जमीन भी दी गई थी।