प्रेम के इस्तीफे के बाद कहीं खुशी तो कहीं गम, सुलगने लगीं पहाड़ मैदान विवाद की चिंगारी, सर्व समाज उत्तराखंड के अध्यक्ष लाल सिंह गुर्जर ने कह दी यह बड़ी बात देखीये पूरा वीडियो

After Love's retirement, somewhere happiness somewhere glue, sparks of controversy to stir mountain plains, Sarva Samaj Uttarakhand President Lal Singh Gurjar said he had seen this big thing.

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राजू अनेजा, देहरादून। विधानसभा सत्र के दौरान कैबिनेट मंत्री प्रेम चंद्र अग्रवाल द्वारा पर्वतीय समाज पर की गई कथित टिप्पणी के चलते उनका राजपाट तो चला गया परंतु मंत्री पद से  इस्तीफे के बाद उत्तराखंड में सियासी पारा हाई हो गया है. प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद जहां एक ओर ऋषिकेश में आतिशबाजी कर जश्न मनाया गया. इस दौरान बोल पहाड़ी हल्ला बोल के नारे हवा में गूंजे. वहीं दूसरी ओर इस इस्तीफे के साथ देहरादून में मैदानी एकता जिंदाबाद के नारे भी बुलंद किए गए.

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बता दें बीते रोज प्रेमचंद अग्रवाल ने देहरादून में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस्तीफे का एलान किया. इस दौरान प्रेमचंद अग्रवाल काफी भावुक दिखे. इस्तीफे के ऐलान के बाद वे सीएम धामी से मिलने पहुंचे. उन्होंने सीएम धामी को इस्तीफा सौंपा. प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद विपक्ष की भी प्रतिक्रिया आई. साथ ही जश्न की खबरें भी आनी शुरू हुई. सबसे पहले ऋषिकेश से जश्न की तस्वीरें सामने आई. यहां जमकर आतिशबाजी की गई. वहीं, प्रदेश के दूसरे इलाकों में भी प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे की मांग कर रहे संगठनों ने जश्न मनाया.

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शुरू हुआ पहाड़ मैदान विवाद:देर शाम इस्तीफा देकर प्रेमचंद अग्रवाल अपने घर पहुंचे. जहां उनके समर्थकों ने समर्थन में नारेबाजी की. इस दौरान मैदानी एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए. प्रेमचंद के घर पर पहुंचने पर समर्थकों ने बयान दिया है. समर्थकों ने मैदानी एकता जिंदाबाद के नारे लगाए. सभी ने एक, स्वर में प्रेमचंद अग्रवाल के साथ खड़े होने की बात कही है. प्रेममचंद अग्रवाल के समर्थकों ने कल देहरादून बाजार बंद, घंटाघर जाम करने का ऐलान किया है. ऐसे में साफ तौर पर कहा जा सकता है कि प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद ‘पहाड़’ बनाम ‘मैदान’ का विवाद खत्म होने की बजाय और बढ़ता दिख रहा है. जिसकी बानगी ऋषिकेश में देखी जा सकती है.

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