धर्म रक्षा के संकल्प के साथ साध्वी सुमन पुरी की 12 ज्योतिर्लिंग पदयात्रा, लालकुआं पहुंचने पर भव्य स्वागत

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लालकुआं : धर्म रक्षा का संकल्प लेकर बारह ज्योतिर्लिंगों की पैदल यात्रा पर निकलीं साध्वी सुमन पुरी माता हल्द्वानी पहुँची हैं। केदारनाथ सहित आठ ज्योतिर्लिंगों का दर्शन कर चुकीं साध्वी का यहाँ पहुँचने पर हिंदूवादी संगठनों और स्थानीय लोगों ने भव्य स्वागत किया। लालकुआं पहुँचने पर लोगों ने फूल वर्षा कर उनका स्वागत किया। यहाँ से वह अब काशी विश्वनाथ के लिए रवाना हुई हैं।


 

8 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूरी

 

राष्ट्रीय स्वयंसेवक के पदाधिकारी राहुल जोशी ने बताया कि साध्वी सुमन पुरी माता ने 13 अगस्त 2024 को सोमनाथ धाम से अपनी पदयात्रा शुरू की थी। उनका लक्ष्य देश के 12 ज्योतिर्लिंगों का पैदल भ्रमण करना है। अब तक वह 8 ज्योतिर्लिंगों की यात्रा पूरी कर चुकी हैं और करीब 2000 किलोमीटर का सफर तय कर चुकी हैं। बची हुई चार ज्योतिर्लिंगों की यात्रा और 3000 किलोमीटर की दूरी तय करने के लिए उन्होंने 5 साल का लक्ष्य रखा है।

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सनातन धर्म के प्रति जागरूकता

 

साध्वी सुमन पुरी की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन के साथ-साथ सनातन धर्म के प्रति लोगों को जागरूक करना भी है। वह सनातन धर्म के गौरवशाली इतिहास को लोगों तक पहुँचाने और हिंदू समाज को जागरूक और संगठित करने का काम कर रही हैं। यात्रा के दौरान वह जगह-जगह महिलाओं के साथ संवाद कार्यक्रम भी करती हैं।

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यात्रा के नियम

 

साध्वी सुमन पुरी अपनी पदयात्रा के दौरान मौन व्रत धारण करती हैं। वह केवल सुबह पूजा-पाठ के समय 2 घंटे के लिए ही अपना मौन तोड़ती हैं। वह प्रतिदिन 15 से 20 किलोमीटर की पदयात्रा करती हैं और रात्रि विश्राम किसी श्रद्धालु के घर में करती हैं। सावन के महीने में वह उपवास पर रहती हैं और केवल नारियल पानी पीकर अपनी यात्रा जारी रखती हैं। जिस भी जगह से उनकी पदयात्रा गुजरती है, वहाँ स्थानीय लोग उनका स्वागत करने के लिए उमड़ पड़ते हैं और उनके साथ यात्रा में शामिल होते हैं।

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