अंकिता भंडारी हत्याकांड: ‘वीआईपी’ की गिरफ्तारी के लिए आज जंतर-मंतर पर हुंकार; संयुक्त संघर्ष मंच और कांग्रेस का दिल्ली में बड़ा प्रदर्शन

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नई दिल्ली/देहरादून (26 अप्रैल 2026): उत्तराखंड की बेटी अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। ‘अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच’ और विभिन्न सामाजिक संगठनों के आह्वान पर आज सुबह 10 बजे से दिल्ली के जंतर-मंतर पर जोरदार प्रदर्शन किया जा रहा है। इस प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य हत्याकांड से जुड़े उस ‘कथित वीआईपी’ के नाम का खुलासा और उसकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करना है, जिसका नाम लंबे समय से चर्चाओं में बना हुआ है।

वीआईपी के नाम को लेकर सरकार पर घेराबंदी

मंच की वरिष्ठ सदस्य कमला पंत ने आरोप लगाया कि साल 2022 में हुई इस नृशंस हत्या के मुख्य आरोपियों (भाजपा नेता के बेटे और साथियों) को सजा मिलने के बावजूद, मूल षड्यंत्रकारी ‘वीआईपी’ अब भी कानून की पकड़ से बाहर है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा के एक पूर्व विधायक की कथित पत्नी उर्मिला राठौड़ के वायरल ऑडियो ने इस मामले में ‘वीआईपी’ की संलिप्तता के दावों को और हवा दे दी है।

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सीबीआई जांच और जनता का आक्रोश

जनता के भारी दबाव के बाद सरकार ने मामले की जांच सीबीआई (CBI) को तो सौंप दी है, लेकिन आंदोलनकारियों का कहना है कि अभी तक उस विशिष्ट व्यक्ति पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। मंच का आरोप है कि सत्ता पक्ष उस रसूखदार व्यक्ति को बचाने का प्रयास कर रहा है, जिसके कारण उत्तराखंड की महिलाओं में गहरा आक्रोश व्याप्त है।

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कांग्रेस का दिल्ली में ‘सत्याग्रह’

इस आंदोलन को कांग्रेस पार्टी का भी पुरजोर समर्थन मिला है। उत्तराखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप ने घोषणा की है कि कांग्रेस पार्टी दिल्ली में अंकिता को न्याय दिलाने के लिए सत्याग्रह करेगी। इस प्रदर्शन में कई प्रमुख हस्तियां शामिल हो रही हैं:

  • शामिल होने वाले प्रमुख लोग: कमला पंत, पूर्व सचिव हरिपाल रावत, प्रेस क्लब ऑफ इंडिया के पूर्व अध्यक्ष उमाकांत लखेड़ा, अनिल पंत और देव सिंह।

  • रणनीति: जंतर-मंतर पर सभा और प्रदर्शन के बाद एक प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को ज्ञापन सौंपकर वीआईपी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करेगा।

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उत्तराखंडियों का सामूहिक रोष

आंदोलनकारियों का कहना है कि यह प्रदर्शन केवल एक औपचारिक मांग नहीं, बल्कि उन तमाम उत्तराखंडियों के रोष का प्रतीक है जो अपनी बेटी के लिए पूर्ण न्याय चाहते हैं। संयुक्त संघर्ष मंच ने दिल्ली और आसपास रहने वाले समस्त उत्तराखंडियों से इस न्याय यात्रा में शामिल होने की अपील की है।