अतीक – अशरफ मर्डर : दिन में दफन हुआ लाडला बेटा असद, रात में पिता और चाचा का चैप्टर क्लोज

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प्रयागराज: 17 साल की उम्र में कत्ल करके दुर्म की दुनिया में कदम रखने वाले अतीक अहमद का 44 साल बाद गोलियों की तड़तड़ाहट के बीच शनिवार(15 अप्रैल) रात अंत हो गया.

उसके साथ ही मिट गया अतीक का भाई अशरफ भी. प्रयागराज की सरजमी से सिर उठाने वाले दोनों भाइयों को बीच सड़क गोलियों से भूना गया. 14 राउंड की फायरिंग में दोनों अचेत होकर गिर पड़े. खास बात यह रही कि इसी दिन यानी शनिवार सुबह ही अतीक के बेटे असद को उसके दादा-दादी (अतीक के माता-पिता) की कब्र के बीच दफनाया गया था. उसके 12 घंटे के अंदर ही असद के पिता अतीक और चाचा अशरफ का चैप्टर भी क्लोज हो गया.

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पहले से रेकी करके घात लगाकर बैठे तीन शातिरों ने दनादना अतीक-अशरफ पर गोलियों की अचानक ही बौछार कर दी. अहम बात यह रही कि दोनों भाई उस वक्त पुलिस कस्टडी में थे. पुलिस कुछ समझ पाती, उससे पहले ही शातिरों ने अपने मनसूबों को अंजाम तक पहुंचा दिया. जिस अतीक अहमद के नाम से संगम नगरी में पुलिस भी थरथर कांपती थी, आज उसे ही कटपटी पर सटाकर गोली मारी गई.

दादा-दादी की कब्र के बीच दफनाया गया पोता असद

उमेश हत्या कांड के आरोपी अतीक अहमद के बेटे असद को 13 अप्रैल को यूपी एसटीएस ने झांसी में ढेर किया. उसके साथ ही अतीक का गुर्गा गुलाम भी मारा गया. हुआ कुछ यूं था कि पुलिस को असद की लोकेशन मिली. पुलिस तैयारी के साथ पहुंची और असद को सरेंडर करने का मौका दिया. इतने में शूटर गुलाम में फायरिंग शुरु कर दी. तभी असद ने बाइक को स्टार्ट कर दौड़ानी चाही, लेकिन पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों ढेर होग गए. करीब 20 मिनट तक 42 राउंड फायरिंग चली.

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पोस्टमार्टम और कानूनी कार्रवाई के दो दिन बाद यानी 15 अप्रैल की सुबह असद का शव उसके मौसा डॉक्टर मोहम्मद लेकर प्रयागराज पहुंचे. यहां भारी सुरक्षा के बीच सुबह करीब 9 बजे कसारी मसारी कब्रिस्तान लाया गया. यहां असद के दादा-दादी की कब्र के बीच उसे दफनाया गया.

बेटे की कब्र के पास मिलेगी पिता की आत्मा को शांती!

असद की मौत से बौखलाया अतीक अहमद 14 अप्रैल को एटीएस के सवालों के जवाब देते वक्त आक्रोश में दिखा. 50 पन्नों में लिखे करीब 250 सवाल एटीएस ने दागे, लेकिन अतीक उन पुलिस कर्मियों को धमकाते हुए बोला कि बाहर निकलने दो, मेरे बेटे को मारने वाले पुलिसवालों को गर्दी की गर्मी क्या चीज है बता दूंगा. उसके अगले ही दिन अतीक को मौत के घाट उतार दिया गया. अब अतीक और उसके भाई अशरफ के शव को असद की कब्र के पास ही दफनाया जाएगा, जिससे उनकी आत्मा को शांती मिले.

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