बागेश्वर : न सरकार-न पुलिस को खबर…कपकोट उच्च हिमालय क्षेत्र के ग्लेशियर में ‘रहस्‍यमयी बाबा’ ने बनाया मंदिर

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हिमालय क्षेत्र में वैसे तो कई चमत्कारी बाबा हुए है. लेकिन अब एक ऐसा नया बाबा सामने आया है जिसने पुलिस और प्रशासन सभी को हिला कर रख दिया. देवभूमि उत्‍तराखंड में उच्‍च हिमाचल क्षेत्र के एक ग्‍लेश्यिर में भव्‍य मंदिर बना है. यह मंदिर किस बाबा ने बनवाया और कब इसका निर्माण कार्य पूरा भी हो गया इसकी भनक किसी को नहीं. वन विभाग, पुलिस और स्‍थानीय प्रशासन इस बात से बेखबर है. बाबा का यह अनोखा मंदिर आखिरकार चर्चा में और नजर में आया कैसे? आइये जानते हैं पूरा मामला…

 

ग्लेशियर रेंज के फॉरेस्ट की चेक पोस्ट में रजिस्ट्री नहीं

दरअसल, प्रदेश में धामी सरकार द्वारा लगातार सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटवा रही है. सरकार के पीले पंजे की कार्रवाई के पीछे बाबा ने सरकारी जमीन पर एक भव्य मंदिर बना डाला. बागेश्वर के कपकोट उच्च हिमालय क्षेत्र के सुन्दरदूंगा ग्लेशियर में बाबा ने अतिक्रमण कर लिया. गजब कि बात तो यह है कि इस बात की भनक ना तो वन विभाग, पुलिस और ना ही प्रशासन को लगी. बाबा ने सरकारी जमीन को हड़पकर 5 हजार मीटर में मंदिर बनवा रखा है. मंदिर का निर्माण कार्य पूरा भी हो गया और प्रशासन बेखबर है. लेकिन अब सवाल यह उठता है कि बाबा आए कहां से और कहां के रहने वाले हैं? ये किसी को भी पता नहीं है. खास बात ये है कि ग्लेशियर रेंज के फॉरेस्ट की चेक पोस्ट में न ही बाबा की कोई एंट्री रजिस्टर्ड है. मामला तब उजगार हुआ ज़ब स्थानीय लोगों ने इस मंदिर के पास कुंड बनाने और देवी कुंड में स्नान करने का विरोध किया. अब लापरवाह प्रशासन भी मामले की गहन जांच में जुट गया है.

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बाबा के संबंध में कोई जानकारी नहीं

SDM का कहना है कि एक समिति की ओर से अवगत कराया गया था कि एक बाबा ने देवीकुंड में स्‍नान किया और वहां पर मंदिर का भी निर्माण करवा रखा है. इस बात से ग्रामीणों ने नाराज होकर डीएम को एक पत्र सौंपा. इसके क्रम में समिति का गठन किया गया है, जिसमें वन, राजस्‍व और पुलिस विभाग के अधिकारी शामिल हैं. वहां के स्थानीय लोग और प्रदेशवासी इस बात से बेहद नाराज है. अब इस बात की जांच की जाएगी कि मंदिर को सरकारी जमीन पर बनाया गया या वह किसी निजी जमीन पर है और उसका अवैध निर्माण किया गया है. उसकी पूरी जांच की जाएगी. उसके बाद ही कुछ आगे बताया जा सकेगा. उन्‍होंने आगे कहा कि जांच के बाद कार्रवाई जरूर की जाएगी, क्‍योंकि पता ही नहीं चल पा रहा है कि वह बाबा कौन हैं, कहां से हैं. वो ट्रेस नहीं हो पा रहे हैं. बस ये पता चला है कि बाबा का नाम चैतन्‍य बाबा हैं. उनके संबंध में भी जांच की जा रही है.

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