तराई पूर्वी वन प्रभाग की बड़ी कार्रवाई: शांतिपुरी में अवैध लकड़ी से भरा ट्रक जब्त, चालक वाहन छोड़कर फरार

लालकुआं। तराई पूर्वी वन प्रभाग की डॉली रेंज टीम ने अवैध लकड़ी की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध प्रकाष्ठ (लकड़ी) से भरा एक ट्रक जब्त किया है। मुखबिर की सूचना पर की गई इस कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में हड़कंप मच गया है। हालांकि, वन विभाग की टीम को देखकर वाहन चालक ट्रक छोड़कर मौके से फरार होने में कामयाब रहा, जिसकी तलाश की जा रही है।
शांतिपुरी बैरियर पर रोका गया था ट्रक
प्राप्त जानकारी के अनुसार, प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) तराई पूर्वी वन प्रभाग राहुल मिश्रा और उप प्रभागीय वनाधिकारी (SDO) गोला अनिल कुमार जोशी के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत अवैध लकड़ी के परिवहन पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मुखबिर से सूचना मिली थी कि किच्छा की ओर से अवैध लकड़ी से भरा एक ट्रक गुजरने वाला है।
सूचना के आधार पर डॉली रेंज के वन क्षेत्राधिकारी (RO) प्रदीप कुमार पंत के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया, जिसने तुरंत शांतिपुरी बैरियर पर चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। कुछ देर बाद किच्छा की तरफ से आ रहे ट्रक (संख्या- यूपी 25 बीटी 6081) को जब टीम ने रुकने का इशारा किया, तो चालक वाहन रोकने के बजाय पंतनगर की तरफ तेजी से भगाने लगा।
पंतनगर बाईपास के पास पकड़ा गया वाहन; 36.88 घनमीटर लकड़ी बरामद
सतर्क चेकिंग टीम ने तत्परता दिखाते हुए वाहन का पीछा किया और आखिरकार पंतनगर बाईपास के पास उसे घेरकर रोक लिया। वाहन की तलाशी लेने पर उसमें बकैन, कंजी और कोकाठ मिश्रित प्रकाष्ठ (लकड़ी) भारी मात्रा में भरी हुई पाई गई। मौके पर मौजूद चालक लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध कागजात या परमिट प्रस्तुत नहीं कर सका।
वन विभाग की जांच में वाहन से कुल 36.88 घनमीटर मिश्रित प्रकाष्ठ बरामद हुआ। विभाग ने ट्रक और उसमें लदी लकड़ी को अपने कब्जे में लेकर लालकुआं रेंज परिसर में खड़ा करवा दिया है। इस मामले में भारतीय वन अधिनियम (Indian Forest Act) की सुसंगत धाराओं के तहत वन अपराध पंजीकृत कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी गई है।
इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने वाली वन विभाग की टीम में वन दरोगा ललित मोहन जोशी, वन दरोगा पान सिंह मेहता और टी.सी. राजेन्द्र सिंह लटवाल शामिल रहे। वन अधिकारियों का कहना है कि क्षेत्र में अवैध कटान और तस्करी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

