संघर्ष भरा सफर, बुलंद हौसला..खच्चर चलाकर अतुल ने बदली किस्मत, अब करेंगे IIT मद्रास से पढ़ाई

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उत्तराखंड के एक छोटे से गांव बीरो देवल के रहने वाले अतुल कुमार ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से असंभव को संभव कर दिखाया है। खच्चर चलाकर पढ़ाई करने वाले अतुल ने IIT JAM 2025 परीक्षा में ऑल इंडिया 649वीं रैंक हासिल कर देश के प्रतिष्ठित संस्थान IIT मद्रास में गणित से M.Sc. करने का मौका पाया है।


 

संघर्ष भरा सफर, बुलंद हौसला 🏞️

 

अतुल का परिवार घोड़े-खच्चरों का संचालन करता है, और वे खुद भी केदारनाथ यात्रा के दौरान यात्रियों का सामान खच्चरों के माध्यम से पहुँचाते थे। यह शारीरिक रूप से बेहद थकाऊ काम होता है। अतुल दिनभर यह काम करते और रात को थकान के बावजूद अपनी पढ़ाई में जुट जाते थे। यह कठिन दिनचर्या ही उनकी सफलता की कुंजी बनी।

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सरकारी स्कूल से IIT तक का सफर 🎓

 

अतुल की शुरुआती शिक्षा उत्तराखंड के सरकारी स्कूलों में हुई। उन्होंने 10वीं कक्षा में 94.8% अंक हासिल कर राज्य में 17वां स्थान प्राप्त किया। 12वीं में भी उन्होंने 92.8% अंक लाकर 21वां स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने श्रीनगर (गढ़वाल) स्थित एचएनबी गढ़वाल यूनिवर्सिटी से B.Sc. की पढ़ाई की, जहाँ उन्होंने पाँचों सेमेस्टर में 80% से अधिक अंक प्राप्त किए। वे अब अंतिम सेमेस्टर के परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।

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माता-पिता और गुरुजनों का योगदान 🙏

 

अतुल अपनी इस शानदार सफलता का पूरा श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देते हैं। उनका कहना है कि अगर परिवार और गुरुजनों का साथ न मिलता, तो शायद यह मंजिल इतनी आसानी से नहीं मिलती। उन्होंने यह भी बताया कि जब आर्थिक स्थिति अच्छी न हो, तब पढ़ाई का सपना देखना और उसे पूरा करना अपने आप में एक बड़ी चुनौती होती है।

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अतुल कुमार की यह कहानी उन सभी के लिए प्रेरणा है जो विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सपनों को साकार करने का साहस रखते हैं।