सीएम धामी का काशीपुर आगमन और विलुप्त हुए सड़कों से गड्ढे,एक ही सुर में बोली जनता काशीपुर में रोज पधारो साहब

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हिमालय प्रहरी में चलाई गई खबर का हुआ असर, सीएम धामी के आगमन से पहले चमक उठीं काशीपुर की सड़कें

 

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राजू अनेजा, काशीपुर।जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काशीपुर आगमन की खबर प्रशासनिक गलियारों में गूंजी, शहर की तस्वीर बदलने लगी। जिन सड़कों पर महीनों से गड्ढे गिनने की प्रतियोगिता चल रही थी, वहां अचानक से सड़कें चमकने लगीं। जिन गलियों में जलभराव से दोपहिया वाहन चलाना भी चुनौती था, वहां अब झाड़ू और जेसीबी की हलचल देखने को मिली।
आपको बताते चले कि हिमालय प्रहरी द्वारा उक्त मुद्दे पर प्रकाशित “काशीपुर की टूटी सड़कें और बदहाल हालात” पर प्रशासन ने आखिरकार एक्शन मोड अपना लिया। जैसे ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के आगमन की तैयारी शुरू हुई, शहर की वही सड़कें जो महीनों से गड्ढों में तब्दील थीं, अचानक नई नवेली दुल्हन की तरह सजने लगीं।

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मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले शहर के मुख्य मार्गों— आईटीआई  से छतरी चौराहा,स्टेडियम से  रेलवे स्टेशन तक  मरम्मत कार्य युद्धस्तर पर हुआ। डामर, सीमेंट और रोलर मशीनें रातों-रात सक्रिय रहीं। स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा, “काश सीएम साहब हर महीने एक बार आ जाया करें, तो सड़कों की उम्र लंबी हो जाएगी।”

शहरवासियों की मानें तो जिन गड्ढों की शिकायतें  पीडब्ल्यूडी के कार्यालयों में धूल फांक रही थीं, वे अब अचानक “विलुप्त प्रजाति” की तरह नजर नहीं आ रहे। अधिकारियों का कहना है कि “स्वागत योग्य” अवसर पर शहर की साफ-सफाई और मरम्मत कार्य नियमित प्रक्रिया के तहत किए गए हैं। वहीं नागरिकों ने मुस्कराते हुए कहा—“अगर ये नियमित प्रक्रिया है, तो ये नियमितता बस सीएम के कार्यक्रमों के वक्त ही क्यों दिखती है?”

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मुख्यमंत्री धामी के दौरे से पहले शहर की सड़कें भले ही चमक गई हों, लेकिन जनता के मन में एक सवाल जरूर गूंज रहा है—क्या काशीपुर की यह चमक उनके जाने के बाद भी बरकरार रहेगी, या फिर गड्ढे फिर से ‘वापसी यात्रा’ पर निकल पड़ेंगे?

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